रेलवे बोर्ड ने लोको रनिंग स्टाफ के लिए किलोमीटर भत्ते में 25 प्रतिशत की बंपर बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है, जो 1 जनवरी, 2024 से लागू होगी। इसके साथ ही, दो लाख से ज्यादा ट्रेन ऑपरेशन स्टाफ की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है। इस बढ़ोतरी से रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी बढ़ जाएगी। इतना ही नहीं, जिन कर्मचारियों के किलोमीटर भत्ते में बढ़ोतरी लागू होगी, उन्हें 1 जनवरी 2024 से पूरा एरियर भी मिलेगा।
2 साल से ज्यादा समय से चल रही थी मांग
अलग-अलग रेलवे कर्मचारी यूनियन और महासंघ किलोमीटर भत्ते में बढ़ोतरी के लिए दो साल से भी ज्यादा समय से लगातार ज्ञापन दे रहे थे और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि 1 जनवरी, 2024 से प्रभावी महंगाई भत्ते (DA) में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद, बोर्ड ने उसी तारीख से लोको रनिंग स्टाफ की अलग-अलग श्रेणियों के लिए किलोमीटर भत्ता बढ़ाने का फैसला किया है।
लोको रनिंग स्टाफ को सैलरी के साथ दिया जाता है किलोमीटर भत्ता
आदेश में बताया गया कि इस मामले की जांच रेलवे बोर्ड के वित्त विभाग के परामर्श से की गई और AIRF और NFIR सहित मान्यता प्राप्त महासंघों की लगातार मांग के बाद इसे वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) को मंजूरी के लिए भेजा गया। इस फैसले से ट्रेन ऑपरेशन में लगे दो लाख से ज्यादा कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, जिन्होंने इस बढ़ोतरी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किए थे। अन्य रेलवे कर्मचारियों के विपरीत, जिन्हें सैलरी के साथ यात्रा भत्ता (TA) मिलता है, लोको रनिंग स्टाफ को सैलरी के साथ किलोमीटर भत्ता (KA) दिया जाता है।
कैसे तय होता है किलोमीटर भत्ता
एक लोको पायलट ने बताया कि जहां अन्य स्टाफ के लिए 1 जनवरी, 2024 को TA बढ़ाया गया था, वहीं KA में कोई बदलाव नहीं किया गया था। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के अनुसार, किलोमीटर भत्ते की दरें दो घटकों से तय होती हैं- मूल वेतन का 30 प्रतिशत और 20 दिनों का यात्रा भत्ता। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि 100 किलोमीटर पर 525 रुपये की पिछली दर 800 रुपये प्रतिदिन की TA दर पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ता मूल वेतन के 50 प्रतिशत तक पहुंचने के कारण TA बढ़कर 1000 रुपये हो जाने से KA में भी आनुपातिक संशोधन करना जरूरी हो गया है।
इस बार के संशोधन में हुई काफी देरी
ये बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप है। एक लोको पायलट ने देरी की शिकायत करते हुए कहा, "यात्रा भत्ता 800 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये किए जाने के बाद, किलोमीटर भत्ते की दर में भी बढ़ोतरी करना जरूरी था।" रनिंग स्टाफ ने बताया कि 2011 और 2014 में भी महंगाई भत्ते की सीमा के आधार पर इसी तरह 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू की गई थी, लेकिन इस बार के संशोधन में काफी देरी हुई है।
पीटीआई इनपुट्स के साथ