भोपाल: मध्य प्रदेश में 15 सालों की राजनीतिक वनवास के बाद सत्ता में आई कांग्रेस के दिग्गजों के बीच आपसी टकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। दिग्विजय सिंह के कमलनाथ सरकार के मंत्रियों को लिखें पत्र के बाद शुरू हुई बयानबाजी अब चरम पर है। हाल ही में कर्ज माफी को लेकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़े करने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर सरकार की ट्रांसफर और पोस्टिंग पर निशाना साधा है।
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शनिवार को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया चंबल संभाग क्षेत्र के मुरैना में पार्टी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने मुलाकात के दौरान ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर सिंधिया से शिकायत की तो सिंधिया ने कहा ‘आप लोग ट्रांसफर और पोस्टिंग के चक्कर में मत पढ़िए। प्रदेश में ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर क्या हाल है, यह सब जानते हैं।’
दरअसल, कार्यकर्ताओं का कहना था कि अधिकारी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। ट्रांसफर पोस्टिंग में भी दिक्कत आ रही है। यह पहली बार नहीं है जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ही सरकार के कामकाज पर निशाना साधा हो। इससे पहले उन्होंने भिंड में सार्वजनिक मंच से माना था कि किसानों से दो लाख तक की कर्ज माफी का वादा किया गया था लेकिन हमने अब तक सिर्फ 50 हजार तक का कर्ज माफ किया है।
वहीं, शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी ट्वीट कर विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के वचन पत्र में शामिल गौशाला खोलने के मुद्दे पर कमलनाथ सरकार को कटघरे में खड़ा किया था। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट में कहा था अगर कमलनाथ सड़कों पर बैठी गायों को गौशाला में पहुंचाते हैं तभी वह सच्चे गौ भक्त होंगे।
दिग्गजों की इस बयानबाजी से नाराज कमलनाथ सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन वर्मा सामने आए थे। उन्होंने इंडिया टीवी से बातचीत में कहा कि ‘किसी के कहने से कमलनाथ सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता। ज्योतिरादित्य सिंधिया को बयान देने से पहले मुख्यमंत्री के साथ एक मीटिंग करनी चाहिए, तब पता चलेगा कर्ज माफी कैसे हो रही है।’
दिग्विजय सिंह के साथ-साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा लगातार की जा रही बयानबाजी से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान को तुरंत कैच करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा और कहा कि ‘पूरी सरकार बेनकाब हो चुकी है। कांग्रेस के बड़े नेता सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस बेशर्म हो गई है। खुद उसके मंत्री और नेता कहने लगे हैं कि ले देकर ट्रांसफर हो रहे हैं।