नई दिल्ली: गोवा में मनोहर पर्रिकर सरकार ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया है। आज विश्वास मत के दौरान हुए मतदान में भाजपा की सरकार को 22 विधायकों का सर्मथन मिला है। इस तरह से मनोहर पर्रिकर सरकार के बहुमत को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम लग गया है। गौरतलब है कि मंगलवार शाम नौ मंत्रियों के साथ शपथ लेने वाले पर्रिकर के पास 22 विधायकों का समर्थन है जो 40 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े 21 से एक अधिक है।
गोवा विधानसभा में गुरुवार को हुए शक्ति परीक्षण में मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने जीत हासिल कर ली। पर्रिकर ने मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। पर्रिकर सरकार के पक्ष में 22 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में केवल 16 वोट पड़े।
गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने पर्रिकर को रविवार को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का समय दिया था, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता चंद्रकांत कावलेकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए इस तटीय राज्य की नई सरकार से गुरुवार को ही बहुमत साबित करने को कहा था।
गोवा विधानसभा की 40 सीटों के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हालांकि 13 सीटें ही मिली थीं और कांग्रेस 17 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। लेकिन बहुमत के लिए आवश्यक 21 विधायकों के समर्थन का जादुई आंकड़ा पूरा करने में कांग्रेस पीछे रह गई और यहां भाजपा ने बाजी मार ली।
पार्टी को महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) और गोवा फॉरवर्ड के तीन-तीन विधायकों तथा तीन निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल हुआ। कांग्रेस ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त और संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।