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नोटबंदी पर बार-बार बदलते नियमों पर राहुल का तंज, कहा- कनफ्यूज्ड ट्रैफिक सिग्नल जैसा बर्ताव कर रही मोदी सरकार

 Written By: Bhasha
 Published : Dec 21, 2016 05:49 pm IST,  Updated : Dec 21, 2016 05:59 pm IST

नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बैंकों में पुराने नोट जमा करने के बाबत नियमों में बार-बार किए जा रहे बदलाव पर निशाना साधते हुए आज कहा कि मोदी सरकार ऐसे कनफ्यूज्ड ट्रैफिक सिग्नल

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नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बैंकों में पुराने नोट जमा करने के बाबत नियमों में बार-बार किए जा रहे बदलाव पर निशाना साधते हुए आज कहा कि मोदी सरकार ऐसे कनफ्यूज्ड ट्रैफिक सिग्नल की तरह बर्ताव कर रही है, जिसमें एक ही समय में अलग-अलग रंगों की बत्तियां जलती हैं। राहुल ने ट्विटर पर एक बड़े ट्रैफिक सिग्नल की तस्वीर डाली जिसमें एक ही समय में लाल, पीले, नीले और कुछ अन्य रंगों की बत्तियां जलती नजर आ रही हैं। उन्होंने इस तस्वीर के साथ लिखा, नोटबंदी के बाद सरकार के फरमान।

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कांग्रेस नेता ने नियमों में बार-बार किए जा रहे बदलाव की तुलना मोदी के बदलते कपड़ों से करते हुए कल कहा था कि इससे संदेश जा रहा है कि प्रधानमंत्री के शब्द खोखले हैं। राहुल सरकार के उस निर्णय पर टिप्पणी कर रहे थे जिसके तहत 500-1000 रूपए के पुराने नोटों में 5,000 से ज्यादा रूपए 30 दिसंबर तक सिर्फ एक बार जमा कराए जा सकते हैं। इससे पहले, आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा करते वक्त प्रधानमंत्री ने कहा था कि 500-1000 रूपए के पुराने नोट 30 दिसंबर तक बैंकों में जमा कराए जा सकते हैं और इस बाबत लोगों से कोई सवाल नहीं पूछे जाएंगे।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी ताजा आदेश की आलोचना करते हुए कहा कि आरबीआई का पूरा नाम रिवर्स बैंक ऑफ इंडिया हो गया है। कई ट्वीट कर सुरजेवाला ने कहा, दुर्भाग्यवश, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अब रिवर्स बैंक ऑफ इंडिया बन गया है। सुरजेवाला ने दो कार्टून भी डाले जिसमें कहा गया, आरबीआई के नियम मौसम की तरह हैं, जो हर वक्त बदलते रहते हैं और इसलिए लोगों को सूचित करने के लिए हर घंटे बुलेटिन की जरूरत होती है।

वेतन भुगतान कानून में संशोधन के लिए सरकार की ओर से अध्यादेश लाने से जुड़े एक सवाल पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, हर रोज हेडलाइन मैनेजमेंट मोदी सरकार का चलन बन गया है। यदि कारखाने के मालिक के पास नगद या चेक से भुगतान का विकल्प है तो वेतन कानून में संशोधन करना बेकार है। कारोबारी और औद्योगिक घरानों को चेक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए वेतन भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने की खातिर मोदी सरकार वेतन भुगतान कानून में संशोधन करने की तैयारी में है।

सुरजेवाला ने यह भी कहा, दूसरी बात यह है कि इससे पता चलता है कि मोदी सरकार के पास नोटों की भारी किल्लत है। इसे स्वीकार करने की बजाय वह दिहाड़ी कामगारों को बैंकों की कतार में खड़ा रहने को मजबूर कर रही है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की ओर से पहले नोटबंदी की तारीफ और फिर आलोचना करने को लेकर सुरजेवाला ने कहा कि सरकार के कदम से आम लोगों के लिए कई तकलीफें पैदा हो गई हैं।

सुरजेवाला ने ट्वीट किया, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, एनडीए के सहयोगी और नोटबंदी समिति के प्रमुख कुव्यवस्था को लेकर अपना सिर फोड़ रहे हैं। क्या आपको और सबूत चाहिए मोदी जी ? कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, 50 दिन, नोटबंदी के 60 नियम।

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