जयपुर: कांग्रेस की राजस्थान इकाई में मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद की खबरों को खारिज करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा है कि पार्टी की राजस्थान इकाई में मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान ने राज्य से पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में महत्वपूर्ण पद दिया है।
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उन्होंने कहा, "यह कोई मुद्दा नहीं है और इन बातों (पायलट और गहलोत के बीच मतभेद) के लिए हमारे विपक्षी जिम्मेदार हैं, जो ऐसी मनगढ़ंत कहानियां गढ़ रहे हैं।" कांग्रेस नेता ने कहा, "हम एक टीम की तरह काम कर रहे हैं और मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी में इस तरह का कोई टकराव नहीं है।"
कुछ समय से खबरें आ रही हैं कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच विवाद है। राजस्थान में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को अशोक गहलोत को संगठन और प्रशिक्षण का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया। उन्हें जनार्दन द्विवेदी के स्थान पर नियुक्त किया गया है।
गहलोत ने हाल ही में एक समाचार पत्र को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि युवा नेताओं को कतार में खड़े होकर इंतजार करना सीखना चाहिए और उन्हें कतार तोड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इससे यह प्रतीत हुआ था कि गहलोत अपने प्रतिद्वंद्वी युवा नेताओं को संदेश देना चाहते थे।
पायलट ने कहा कि पार्टी की परंपरा है कि चुनाव जीतने के बाद नवनिर्वाचित सदस्य मिलकर अपना नेता चुनते हैं। महासचिव पद के लिए उनकी संभावित नियुक्ति पर उन्होंने कहा, "इस बारे में मुझे अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि मुझे यहां पार्टी का नेतृत्व करने के लिए भेजा गया है।"
सचिन 26 साल की आयु में सबसे युवा सांसद बने थे और पांच साल बाद 2009 में सबसे युवा मंत्री बने थे। उनकी देखरेख में कांग्रेस ने इस साल अजमेर और अलवर संसदीय क्षेत्र और मंडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कठिन उपचुनाव जीते थे। उन्होंने इसका श्रेय कार्यकर्ताओं को दिया। कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि "पिछले साढ़े चार सालों में 22 सीटों पर उपचुनाव हुए, जिनमें से 20 सीटें हमारी पार्टी ने जीती। इससे पता चलता है कि मतदाताओं में कांग्रेस का विश्वास जाग रहा है।"
जमीनी कार्यकर्ताओं को फिर से जोड़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा हाल में शुरू किए गए आक्रामक अभियान पर उन्होंने कहा, "शांतिकाल में पसीना बहाने वालों को युद्धकाल में खून नहीं बहाना पड़ता है।"