Vaishno Devi Yatra Niyam: वैष्णो देवी की यात्रा देश की सबसे प्रसिद्ध यात्राओं में से एक है, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। मान्यताओं अनुसार माता के दरबार में आया कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता क्योंकि माता रानी अपने भक्तों की सारी मुरादें पूरी कर देती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये यात्रा सिर्फ माता रानी के दर्शन कर लेने से ही पूरी नहीं होती बल्कि इस यात्रा एक अहम नियम भी है, जो इसे पूर्णता प्रदान करता है। कहते हैं ये नियम खुद माता रानी ने अपने भक्तों के लिए बनाया है।
भूलकर भी न करें ये 1 गलती
वैष्णो देवी यात्रा में श्रद्धालु अक्सर जो सबसे बड़ी गलती करते हैं, वह है भैरव बाबा के दर्शन न करना। कुछ श्रद्धालुओं को तो ये पता ही नहीं होता कि भैरव बाबा के दर्शन करना जरूरी होता है। तो वहीं कई श्रद्धालु तो इस बारे में जानते हुए भी इस चीज की अनदेखी कर देते हैं। ऐसा भक्त अधिकतर ज्यादा थकान होने की वजह से, समय की कमी से या भैरव मंदिर की चढ़ाई कठिन होने के कारण करते हैं। इतना ही नहीं कई श्रद्धालु तो ये सोचकर अपने मन को शांत कर लेते हैं कि भविष्य में फिर कभी आकर भैरव बाबा के दर्शन कर लेंगे। लेकिन शास्त्रों अनुसार, यदि आपने वैष्णो देवी आकर भैरवनाथ के दर्शन नहीं किए, तो आपकी यात्रा अधूरी रह जाएगी।
माता वैष्णो ने बनाया है ये खास नियम
कहते हैं जो भी भक्त माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा पहुंचता है उसके लिए पवित्र गुफा के दर्शन के बाद भैरव बाबा के दर्शन करना भी जरूरी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार स्वयं माता ने ही भैरव बाबा को ये वरदान दिया था कि जो भी श्रद्धालु मेरे दर्शन करने के बाद तुम्हारे दर्शन नहीं करेगा, उसकी यात्रा कभी पूरी नहीं मानी जाएगी। यही कारण है कि माता के दरबार में पहुंचे हर भक्त के लिए भैरव बाबा के दर्शन करना अनिवार्य माना गया है।
अब बेहद आसान हो गई है भैरव मंदिर की यात्रा
यदि आप पैदल चढ़ाई कर पाने में सक्षम नहीं हैं तो आप माता रानी के भवन से भैरव मंदिर पहुंचने के लिए रोपवे का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस सुविधा के तहत आप महज कुछ ही मिनटों में भैरव बाबा के दर्शन कर लेंगे।
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