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Vindhya Expressway बदलेगा यूपी के 4 बड़े शहरों की किस्मत! 36 महीनों में बनकर तैयार होगा 333 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Jul 21, 2026 06:38 pm IST,  Updated : Jul 21, 2026 06:38 pm IST

यूपी कैबिनेट ने 333 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब ₹26,315 करोड़ की लागत से बनने वाला यह 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य अगले 36 महीनों में इस परियोजना को पूरा करना है।

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यूपी में बनेगा 333- किलोमीटर लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे (सांकेतिक तस्वीर) Image Source : CANVA

उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने और बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। यूपी कैबिनेट की अहम बैठक के बाद वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विंध्य एक्सप्रेसवे (Vindhya Expressway) परियोजना को हरी झंडी मिलने का बड़ा ऐलान किया है। 333 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रदेश के 4 बड़े शहरों प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र की सूरत बदलने जा रहा है। 26,315 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा का समय आधा कर देगा, बल्कि विंध्य क्षेत्र में व्यापार और रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगा।

36 महीने में तैयार होगा 6-लेन एक्सप्रेसवे

विंध्य एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) की देखरेख में किया जाएगा और इसे 36 महीनों यानी 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआती चरण में यह 6-लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसे भविष्य में यातायात के दबाव को देखते हुए 8-लेन तक बढ़ाया जा सकता है। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र से शुरू होकर गंगा एक्सप्रेसवे के टर्मिनल पॉइंट से जुड़ेगा, जबकि इसका दूसरा छोर सोनभद्र के बभनी क्षेत्र (परसा टोला) में छत्तीसगढ़ सीमा के करीब समाप्त होगा।

3 घंटे में पूरा होगा 6 घंटे का सफर!

इस एक्सप्रेसवे के बनने से प्रयागराज से सोनभद्र तक की सड़क यात्रा, जिसमें अभी लगभग छह घंटे का समय लगता है, घटकर महज तीन घंटे की रह जाएगी। यात्रा का समय करीब 3 से 5 घंटे कम होने से न केवल आम यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि माल ढुलाई में भी समय और ईंधन की भारी बचत होगी। इसके शुरू होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों के साथ कनेक्टिविटी बेहद मजबूत और आसान हो जाएगी। आपको बता दें कि हाल ही में मोदी कैबिनेट ने वाराणसी में 43 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर और 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी दी थी।

विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी मिली मंजूरी

कैबिनेट ने विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दे दी है। यह लिंक एक्सप्रेसवे चंदौली से गाजीपुर तक बनेगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट होगा। इसके साथ ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई है। इस पूरे इंटर-कनेक्टेड सड़क नेटवर्क से वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र समेत समूचे दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी।

इनपुट- PTI

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