June Mrityu Panchak 2026 Date and Time: हर माह के पांच दिन ऐसे होते हैं जो किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य के लिए पूरी तरह वर्जित होते हैं। हम बात कर रहे हैं पंचक की। हिंदू धर्म में पंचक को अशुभ समय माना जाता है। पंचक पांच दिनों का होता है लेकिन यह किस दिन से शुरू हो रहा है, इस आधार पर इसके नाम और प्रभाव बदल जाते हैं। जून में इस दिन से मृत्यु पंचक शुरू हो रहे हैं जो कि बेहद ही खतरनाक और अशुभ माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि मृत्यु पंचक कब से कब तक रहेगा।
जून 2026 में पंचक कब से कब तक रहेगा?
6 जून 2026, शनिवार से पंचक शुरू हो रहे हैं। शनिवार से शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहा जाता है और यह दुर्घटना, बीमारी और बड़े संकट का कारक माना जाता है। मृत्यु पंचक 6 जून 2026 को शाम 7 बजकर 3 मिनट पर शुरू होगा और 11 जून को सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगा।
मृत्यु पंचक में भूलकर भी न करें ये कार्य
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पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना जाता है, इसलिए इस दिशा में यात्रा करना किसी बड़े संकट को बुलावा दे सकता है।
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यदि पंचक के दौरान किसी की मृत्यु हो जाती है तो शव का अंतिम संस्कार सामान्य तरीके से नहीं किया जाता। दोष से मुक्ति के लिए शव के साथ आटे या कुशा के 5 पुतले बनाकर उनका भी विधि-विधान से दाह संस्कार किया जाता है।
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पंचक के दौरान घर का लेंटर डलवाना या छत बनवाना सख्त मना है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में रहने वाले सदस्यों पर मानसिक और आर्थिक संकट आता है
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पंचक के दिनों में नया बेड, चारपाई खरीदना या बुनना वर्जित है। शास्त्रों के अनुसार ऐसा करने से घर में अशांति, कलह और बीमारी का वास होता है।
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पंचक के दौरान लकड़ी, घास, कंडा (उपले) या किसी भी तरह का ज्वलनशील ईंधन इकट्ठा नहीं करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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