नई दिल्ली: सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में कश्मीर दौरे के लिए तैयार राजनीतिक नेताओं ने अशांत घाटी की स्थिति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ बातचीत की संभावना पर चर्चा के लिए शनिवार को यहां एक बैठक की। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की और रविवार से शुरू होने वाले कश्मीर दौरे के कार्यक्रम पर भी चर्चा की।
गृह मंत्री के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की राजनीतिक संगठनों, श्रम संघों के नेताओं, सिविल सोसायटी के सदस्यों और अन्य लोगों से मुलकात की संभावना है।
प्रतिनिधिमंडल में 28 सांसद और कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारी हैं, जिनमें केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, खाद्या एवं सार्वजनिक वितरण मामलों के मंत्री राम विलास पासवान, कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद व मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ-साथ सांसद असादुद्दीन ओवैसी भी शामिल हैं।
कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 8 जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से ही यहां हिंसा व तनाव व्याप्त है, जिसे देखते हुए कर्फ्यू लगाया गया। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कश्मीर में हिंसा खत्म करने और शांति बहाली के उपाय पर चर्चा करेगा।
प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव और सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में अब तक दो पुलिस कर्मियों सहित 73 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11,000 से अधिक घायल हुए हैं। पिछले करीब दो महीनों से कश्मीर घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त है।