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चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से मांगा शपथ पत्र, कांग्रेस नेता ने कहा- 'मैंने संविधान की शपथ ली है'

 Published : Aug 08, 2025 09:38 pm IST,  Updated : Aug 08, 2025 10:16 pm IST

चुनाव आयोग और राहुल गांधी बीते कुछ दिनों से आमने-सामने हैं। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से उनके आरोपों को लेकर शपथ पत्र मांगा है। इस राहुल गांधी ने कहा है कि उन्होंने संविधान की शपथ ली है।

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चुनाव आयोग और राहुल गांधी में ठनी। Image Source : PTI

गुरुवार को चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को चैलेंज दिया कि उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट की गड़बड़ी के जो मामले उठाए वो या तो शपथ पत्र के साथ इन मामलों की शिकायत करें या फिर देश के लोगों को गुमराह करने के लिए माफी मांगें लेकिन राहुल गांधी का तर्क है कि उन्होंने चुनाव आयोग की साजिश को उजागर किया है। चुनाव आयोग जांच कर ले या फिर वोटर लिस्ट की सॉफ्ट कॉपी और वोटिंग का CCTV फुटेज कांग्रेस को दे दे सारी हकीकत सामने आ जाएगी। अब सवाल ये है कि अगर राहुल गांधी के दावों में दम है तो एफिडेविट देने में क्या हर्ज है नियम के मुताबिक राहुल एफिडेविट के साथ शिकायत क्यों नहीं कर रहे?

राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाया?

राहुल गांधी अब दावा कर रहे हैं कि अगर चुनाव आयोग वोटर लिस्ट की सॉफ्ट कॉपी दे दे तो वो साबित कर देंगे कि नरेन्द्र मोदी वोटों की चोरी करके प्रधानमंत्री बने हैं। कांग्रेस ने बेंगलुरु में वोट अधिकार रैली की। इस रैली मैं कांग्रेस ने आज फिर वो सारे आरोप दोहराए जो कल उन्होंने दिल्ली में लगाए थे। फिर चुनाव आयोग से पांच सवाल पूछे। राहुल ने कहा कि इलेक्शन कमीशन बताए कि डिजिटल वोटर लिस्ट क्यों नहीं दी जा रही है। वोटिंग का CCTV फुटेज डिलीट क्यों किया जा रहा है। वोटर लिस्ट में किसके इशारे पर गड़बड़ी हो रही है। चुनाव आयोग विपक्ष के नेताओं को क्यों धमका रहा है। इसके बाद राहुल गांधी ने अपना जजमेंट सुनाया और कहा कि इलेक्शन कमीशन, बीजेपी का एजेंट बन चुका है और मोदी चुनाव आयोग की मदद से ही प्रधानमंत्री बने हैं।

चुनाव आयोग ने राहुल से क्या कहा?

इलेक्शन कमीशन, नियमों के मुताबिक राहुल गांधी से सिर्फ इतना कह रहा है कि अगर आपके पास वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के सबूत हैं तो एफिडेविट के साथ शिकायत कीजिए तभी तो जांच होगी। अगर एफिडेविट नहीं देते तो फिर गलत बयानी के लिए देश से माफी मांगिए। अगर राहुल गांधी को अपने सबूतों पर इतना भरोसा है तो एफिडेविट देना चाहिए लेकिन उन्होंने नहीं दिया। चुनाव आयोग ने कहा कि राहुल गांधी मशीन readable वोटर लिस्ट चाहते हैं। इसके लिए 2018 में कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट गई थी। कमलनाथ ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का इल्ज़ाम लगाकर, डिजिटल वोटर लिस्ट दिलाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी पेटिशन खारिज कर दी थी। अब राहुल गांधी यही इल्ज़ाम लगा रहे हैं। उनको पता है कि अदालत में उनके आरोप नहीं टिकेंगे, इसलिए, मीडिया में बयान दे रहे हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि राहुल गांधी के पास दो ऑप्शन हैं या तो हलफनामे पर दस्तखत करें या फिर, चुनाव आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए देश से माफी मांगें।

राहुल गांधी ने क्या जवाब दिया?

इलेक्शन कमीशन के इस रुख पर राहुल गांधी ने सीधा जवाब नहीं दिया। राहुल ने कहा कि उन्होंने संविधान की शपथ ली है, क्या चुनाव आयोग को संविधान की शपथ पर भी भरोसा नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने पब्लिकली सबके सामने, चुनाव आयोग पर वोट की चोरी के इल्जाम लगाए हैं। चुनाव आयोग में दम हो, तो वो भी सामने आकर उनकी बातें गलत साबित करे और अगर चुनाव आयोग को लगता है कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया तो कांग्रेस को डिजिटल वोटर लिस्ट दे दें।

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