Highlights
- सिद्धारमैया के बयानों से नाराज था उनकी कार पर अंडे फेंकने वाला संपत।
- संपत ने कहा कि वह पहले हिंदू और उसके बाद कांग्रेस का कार्यकर्ता है।
- बीजेपी विधायक रंजन ने कहा कि संपत के पिता सुंदरमूर्ति बीजेपी में थे।
Karnataka News: बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए गुरुवार कर्नाटक के कोगाडु जिले जा रहे कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की कार पर एक शख्स ने अंडे फेंके थे। कांग्रेस के नेता का विरोध करने के लिए बीजेपी के कई कार्यकर्ता वहां जमा थे, इसी दौरान किसी ने कार पर अंडे फेंक दिए। पुलिस की जांच के बाद पता चला है कि उनकी कार पर अंडे फेंकने वाला शख्स खुद को कांग्रेस का कार्यकर्ता बता रहा था। इससे पहले बीजेपी के विधायक एम. पी. अपाचू रंजन ने भी कहा था कि संपत नाम का यह शख्स कांग्रेस का कार्यकर्ता है।
Related Stories
कांग्रेस कार्यकर्ता ने क्यों फेंके अंडे?
18 अगस्त को सिद्धारमैया के खिलाफ बीजेपी के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। संपत भी वहां मौजूद था और वह कथित तौर पर वीडियो में सिद्धारमैया की कार पर अंडे फेंकता हुआ नजर आ रहा है। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे बीजेपी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया तो उनमें संपत भी था। हालांकि जब बाद में संपत से पूछताछ हुई तो उसने खुद को कांग्रेस का कार्यकर्ता बताया और कहा कि वह कुछ समय पहले सिद्धारमैया द्वारा दिए गए एक बयान से नाराज था।
ऐसा क्या कहा था सिद्धारमैया ने?
संपत ने पूछताछ में बताया कि सिद्धारमैया ने कुछ समय पहले कथित तौर पर बयान दिया था कि कोडावा गोमांस खाते हैं। उसने कहा कि वह कांग्रेस नेता के इस बयान से नाराज था। संपत ने कहा, ‘मैंने बीजेपी के प्रदर्शन के कारण नहीं बल्कि सिद्दारमैया के बयान की वजह से अंडे फेंके थे। मैंने कोडागु के लोगों के गोमांस खाने से जुड़े सिद्धरमैया के आपत्तिजनक बयानों और उनके द्वारा टीपू सुल्तान के समर्थन में बयान देने के कारण ऐसा किया।’
‘मैं पहले हिंदू हूं फिर कांग्रेस कार्यकर्ता’
संपत ने कहा कि कोडागु के अनेक लोग 18वीं सदी के मैसूरु के शासक टीपू सुल्तान को नापसंद करते हैं। उसने कहा, ‘मुझे सिद्धरमैया के बयान अच्छे नहीं लगे। मैं पहले हिंदू हूं और फिर कांग्रेस का कार्यकर्ता।’ इससे पहले बीजेपी विधायक रंजन ने कहा था, ‘कांग्रेस का झंडा, शॉल और बैनर पकड़े संपत की तस्वीरें सामने आई हैं। अगर यह साबित हो जाता है कि वह हमारी पार्टी का सदस्य है, तो हम उसे निकाल देंगे।’ रंजन के मुताबिक संपत के पिता सुंदरमूर्ति जरूर बीजेपी में थे।