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ममता बनर्जी और उनकी पार्टी रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं होगी, सूत्रों के हवाले से खबर

 Published : Dec 27, 2023 02:35 pm IST,  Updated : Dec 27, 2023 02:42 pm IST

ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीेएमसी अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं होगी। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।

Mamata Baneerjee, TMC leaders- India TV Hindi
ममता बनर्जी और टीएमसी के नेता Image Source : PTI

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अयोध्या में 22 जनवरी को आयोजित होनेवाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं होंगी। सूत्रों से यह जानकारी मिली है। जानकारी के मुताबिक ममता खुद भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाएंगी और न ही पार्टी के किसी प्रतिनिधि को भेजेंगी। 

सीताराम येचुरी भी कर चुके हैं इनकार

श्री राम जन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट की ओर से तमाम राजनीतिक दलों को न्योता भेजा गया है। इसमें ममता बनर्जी भी शामिल हैं। इससे पहले सीताराम येचुरी कह चुके हैं कि उन्हें न्योता मिला है लेकिन वे इस कार्यक्रम में नहीं जाएंगे। येचुरी ने कार्यक्रम के निमंत्रण को अस्वीकार करते हुए कहा कि धर्म व्यक्तिगत पसंद का मामला है और इसे राजनीतिक फायदे के लिए औजार नहीं बनाया जाना चाहिए। येचुरी के इस विरोध पर विश्व हिंदू परिषद ने आपत्ति जताई थी। विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि अगर वह ‘राम, रामत्व और भारत की ओर लौट जाते हैं’ तो यह उनके हित में होगा। 

'देश राम और रामत्व की ओर लौट रहा है, कब तक विरोध करेंगे'

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘खबर है कि सीताराम नाम वाले सज्जन अयोध्या नहीं जाएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक विरोध समझ में आता है, लेकिन अगर किसी को उनके नाम से ही इतनी घृणा है तो वह केवल कम्युनिस्ट हो सकते हैं।’’ बंसल ने वीडियो जारी कर एक बयान में कहा कि येचुरी की पार्टी की प्रतिबद्धता अलग हो सकती है, लेकिन यह साफ नहीं है कि माकपा महासचिव का विरोध भगवान राम से है या अपने ही नाम से है। उन्होंने कहा, ‘‘इस पर सफाई आनी चाहिए।’’ विहिप नेता ने कहा, ‘‘देश राम और रामत्व की ओर लौट रहा है और आप कब तक इनका विरोध करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि येचुरी को ‘‘वापसी करनी चाहिए और राम, रामत्व तथा इस भारत को अपना लेना चाहिए’’। बंसल ने कहा, ‘‘अब यह आपके हित में है। अन्यथा, लोग जानते हैं कि किस तरह जवाब देना है।’’ 

अयोध्या के कायाकल्प की प्रक्रिया जारी 

उधर, अयोध्या में 22 जनवरी को प्रस्तावित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के पहले पूरे क्षेत्र के कायाकल्प की प्रक्रिया जारी है। बयान में कहा गया है कि पहले 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित अयोध्या दौरे से पूर्व श्री राम जन्‍मभूमि मंदिर को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर रामायण काल के प्रमुख प्रसंगों का मनमोहक चित्रण कराने की दिशा में योगी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में तेजी लाई जा रही है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों की दीवारों को टेराकोटा फाइन क्ले म्यूरल कलाकृतियों से सजाने की प्रक्रिया जारी है। अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा श्री राम जन्मभूमि मंदिर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों की दीवारों को कंकड़-पत्थर से बनी कलाकृतियों से सजाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पूर्व इस कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा।हालांकि इससे पहले 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या को करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का उपहार देंगे। मोदी के आगमन को लेकर अयोध्या व आसपास के जनपदों में भी गजब का उल्लास है और उनके स्वागत को लेकर मठ-मंदिरों ने भी खास तैयारी कर रखी है। (इनपुट-भाषा)

 

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