संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जो 21 अगस्त तक चलेगा। उससे पहले सरकार ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस मानसून सत्र में कुल 21 बैठकें होंगी। हालांकि, 12 अगस्त से 18 अगस्त के बीच स्वतंत्रता दिवस समारोहों के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। इस सत्र में सरकार 7 लंबित विधेयकों पर विचार-विमर्श करेगी और 8 नए विधेयक पेश करने की तैयारी में है।
सर्वदलीय बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, शिरोमणि अकाली दल से हरसिमरत कौर, बीजेपी के अर्जुन राम मेघवाल, कांग्रेस से गौरव गगोई, AIADMK से थंबी दुरई पहुंचे। वहीं, एनसीपी-एसपी से सुप्रिया सुले, शिवसेना से श्रीकांत शिंदे, DMK से टीआर बालू, आरजेडी से प्रेमचंद्र गुप्ता, जेडीयू से संजय झा, समाजवादी पार्टी से प्रोफेसर राम गोपाल यादव, कांग्रेस से प्रमोद तिवारी और के. सुरेश बैठक में पहुंचे। इसके अलावा सर्वदलीय बैठक में चंद्रशेखर आजाद, अनुप्रिया पटेल, रामदास आठवले, तिरुचि शिवा सहित कई नेता पहुंचे।
सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, "इस सत्र में हम जिन मुद्दों को महत्वपूर्ण मानते हैं, वे हैं पहलगाम। हमारी सीमाओं पर संघर्ष, विशेष रूप से देशों के एक साथ आने से दो मोर्चे बन रहे हैं। और साथ ही प्रत्येक नागरिक के मतदान का अधिकार और बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित चिंताएं। इन सभी मुद्दों पर, सरकार के मुखिया के रूप में प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य और नैतिक जिम्मेदारी है कि वे संसद के गलियारों के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करें। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री अपना नैतिक और नैतिक कर्तव्य निभाएंगे।"
बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, "इस सत्र में, बीजू जनता दल ओडिशा को विशेष श्रेणी का दर्जा प्रदान करने, पोलावरम और महानदी विवादों के समाधान, कोयला रॉयल्टी संशोधन, ग्रीन टैक्स, तटीय राजमार्ग के निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, नए एम्स अस्पतालों की स्थापना, रेलवे कनेक्टिविटी में सुधार, डिजिटल, बैंकिंग के साथ-साथ मोबाइल और किसानों के अलावा अन्य कनेक्टिविटी, एमएसपी को दोगुना करने आदि सहित आदिवासी विकास के विभिन्न मुद्दों की मांग जारी रखेगा।"
इस मानसून सत्र में कई अहम विधेयक पेश किए जाएंगे, जो विभिन्न क्षेत्रों में अहम बदलाव ला सकते हैं। इनमें कुछ नए विधेयक और कुछ पुराने विधेयकों में संशोधन शामिल हैं।
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