पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कहा कि विपक्ष के नेताओं को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद उसी तरह की गलतफहमी हुई है जैसी 2018 में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव नतीजे के बाद हुई थी। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए यह भी कहा, "खुशफहमी का गलतफहमी बनना सियासी सेहत के लिए हानिकारक है।"
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"2019 में 303 लोकसभा सीटें मोदी की झोली में आईं"
नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "यही गलतफहमी 2018 में राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश आदि के चुनाव में विपक्ष के बेहतर प्रदर्शन के बाद कुछ सियासी सूरमाओं को भी हो गई थी।" उस समय भी कुछ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'उल्टी गिनती का नतीजा' बनाने में लग गए और कुछ लोग बीजेपी की 'सीधी गिनती के गुणे' में डटे रहे। इसका नतीजा यह हुआ कि जनता ने 282 सीटों से बढ़ाकर 2019 में 303 लोकसभा सीटें मोदी की झोली में डाल दीं।"
मोहब्बत की दुकान, नफरत के सामान से बची रहे- नकवी
उन्होंने कहा, "मोदी ने 2014 में बीजेपी को 116 से 282 सीटों पर और कांग्रेस को 282 से 44 सीटों पर ला खड़ा किया। यह उनके संकल्प का नतीजा है।" नकवी ने कहा, "हर तीन महीने में मोदी विरोधी गठबंधन की गठरी लेकर कुछ लोग निकल पड़ते हैं, लेकिन मोदी जी के काम की गिनती से गठबंधन का गणित गड़बड़ा जाता है।" उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, "हमारी तो यही दुआ है कि मोहब्बत की दुकान, नफरत के सामान से बची रहे।"