कश्मीर घाटी में मौसम के बिगड़े मिजाज के बीच अनंतनाग जिले के पहलगाम के बटकूट इलाके में फटने की घटना सामने आई है। इसके कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भारी अफरा-तफरी मच गई।
अत्यधिक तीव्र और स्थानीय बारिश के बाद वार्डबाल नाला और कई अन्य नजदीकी नाले बहुत कम समय में उफन पड़े। इसके चलते महज दो घंटे में लिद्दर नाले का जलस्तर कई फीट तक बढ़ गया। राहत की बात यह रही कि शेषनाग नाला और आरू घाटी में पानी का स्तर काफी हद तक नियंत्रण में रहा। मुख्य ऊपरी सहायक नदियों के सामान्य रहने के बावजूद केवल बटकूट के पास के जंगली जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से लिद्दर नदी में अचानक भारी बहाव देखा गया।
भारी बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण ऐशमुकाम-पहलगाम रोड पर लंगनई ब्रिज के पास रास्ता ब्लॉक हो गया है। इसके अलावा, लंगनई बटकूट में पानी के तीव्र वेग से पुल को भी नुकसान पहुंचा है।
गौरतलब है कि इससे पहले 12-13 जुलाई को भी पहलगाम के लंगनबाल इलाके में बाढ़ आ चुकी है। शोपियां, बांदीपोरा, कुपवाड़ा और पहलगाम- इन चार प्रमुख स्थानों पर बादल फटने के बाद बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। यात्रियों और आम जनता को सलाह दी गई है कि जब तक हालात पूरी तरह काबू में नहीं आ जाते, तब तक वे प्रभावित इलाकों से दूर रहें।
सोनमर्ग में हुआ भूस्खलन
दूसरी ओर, सोनमर्ग के सरबल नाला इलाके में सोमवार शाम करीब 6:00 बजे एक बड़ा भूस्खलन हुआ। गनीमत यह रही कि ट्रैफिक पुलिस, जेएंडके पुलिस, बीआरओ (BRO) और अन्य एजेंसियों द्वारा चलाए गए संयुक्त बचाव अभियान के बाद एसएसजी रोड को महज 50 मिनट के भीतर दोबारा यातायात के लिए खोल दिया गया।
वहीं, जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-लद्दाख हाईवे पर मीनामार्ग के पास बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई और लद्दाख के ज़ोजिला इलाके में द्रास-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर भूस्खलन हुआ। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने पुलिस पोस्ट मीनामार्ग के सामने मौजूद बकरवाल परिवारों के चार अस्थायी ठिकानों को प्रभावित किया। इस घटना से लगभग 20 लोग प्रभावित हुए। पुलिसकर्मियों की तत्परता से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रूप से पुलिस पोस्ट मीनामार्ग की इमारत और पास की भेड़ पालन विभाग की इमारत में पहुंचा दिया गया।
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