जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारुक अब्दुल्ला ने कहा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लोगों पर बहुत जुल्म में हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यूनाइटेड नेशन से पीओके का दौरा करने की अपील की है। जम्मू कश्मीर की सत्ताधारी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा कि रियासत आज मुश्किल में पड़ गई है। वहां बहुत जुल्म हो रहा है। कई लोग शहीद हो गए है। वहां की खबरें पूरी तरह मालूम नहीं हैं।"
फारुक अब्दुल्ला ने कहा, "मैं अपील करूंगा कि यूनाइटेड नेशन ऑर्गेनाइजेशन के लोगों को वहां जाना चाहिए और देखना चाहिए कि वहां लोगों को कौन-कौन सी मुश्किलें आ रही हैं, ताकि हम लोगों को और पूरी दुनिया को पता चले की वहां लोगों को किन मुसीबतों से गुजरना पड़ रहा है। इसलिए में यूएनओ से गुजारिश कर रहा हूं, वहां जाएं और तहकीकात करें।"
पीओके में चार दिन से प्रदर्शन जारी
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चार दिन से प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए फायरिंग की गई। फायरिंग में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक कैंडल मार्च निकाला गया। हालात को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार यहां 27 लोगों की मौत हुई है और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं।
बेहतर शासन, आर्थिक राहत की मांग
जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी नाम के नागरिक संगठन के नेतृत्व में पीओके में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगे बेहतर शासन, आर्थिक राहत, राजनीतिक अधिकार हैं। पाकिस्तान प्रशासन ने जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी पर बैन लगा दिया है। इससे लोगों का गुस्सा भड़क गया। 7-8 जून को रावलकोट में हिंसक झड़पें हुईं। इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर पुलिस/रेंजर्स ने गोलीबारी कर दी। रिपोर्ट्स के अनुसार 11 से ज्यादा लोग मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए। मुजफ्फराबाद और अन्य हिस्सों में हुए प्रदर्शन में 1.5 लाख लोग शामिल हुए हैं। ये प्रदर्शन मूल रूप से स्थानीय मुद्दों बिजली, सड़कें, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व से शुरू हुए, लेकिन अब पाकिस्तान के खिलाफ व्यापक नाराजगी में बदल गए हैं।
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