इस साल की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है। यात्रा में आने वाले शिवभक्तों के लिए खुशखबरी है। जम्मू कश्मीर होटलियर एसोसिएशन और हाउस बोट एसोसिएशन ने यात्रियों के लिए 50% से ज़्यादा की छूट देने की घोषणा की है। साथ ही इस बार यात्रियों के लिए सुरक्षित अमरनाथ यात्रा के लिए जेकेआरटीसी 250 बसें भी तैनात करेगा। तीर्थयात्रियों के लिए जम्मू-कश्मीर के बीच प्रतिदिन 100 बसें चलाई जाएंगी।
क्यों हुआ डिस्काउंट का ऐलान?
पहलगाम आतंकी हमले के बाद 3 जुलाई से शुरू हो रही इस साल की अमरनाथ यात्रा में अब तक 3.31 लाख से ज्यादा यात्री अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इस आंकड़े को देख कर जम्मू और कश्मीर के होटलर्स और हाउस बोट एसोसिएशन ने यात्रा का स्वागत करते हुए यात्रियों के लिए भारी डिस्काउंट का ऐलान किया है। हाउस बोट एसोसिएशन और होटलर्स को उम्मीद है कि पहलगाम आतंकी हमले के बावजूद भारी संख्या में अमरनाथ यात्री दर्शन पर आएंगे और उनका यहां आना देशभर के लोगों के लिए एक सकारात्मक संदेश भी होगा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद कश्मीर में स्थिति बेहतर हुई है। अमरनाथ यात्रा का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे इन लोगों को ये उम्मीद है कि यात्रा शुरू होने के साथ-साथ कश्मीर में पर्यटन भी बढ़ेगा।
यात्रियों के लिए परिवहन की क्या सुविधा होगी?
अमरनाथ श्राइन बोर्ड के साथ-साथ जम्मू और कश्मीर सड़क परिवहन निगम ने भी अमरनाथ यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए 3 जुलाई से 250 से अधिक बसें उपलब्ध रखने का ऐलान किया है। सड़क परिवहन निगम की ये बसें यात्रा के दो मार्गों पहलगाम और बालटाल के रास्ते पर चलेंगी। इसके इलावा ये बसें यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षाबलों के लिए भी उपलब्ध रहेंगी। इतना ही नहीं, अगर यात्रियों की संख्या में ज्यादा इजाफा होता है तो एसआरटीसी बसों की संख्या और बढ़ा दी जाएगी।
सुरक्षा के इंतजाम कैसे हैं?
अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए और आतंकी खतरों को रोकने के लिए अमरनाथ यात्रा के पहलगाम मार्ग पर उन्नत चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरएस) लागू की गई है। यह प्रणाली सुरक्षाकर्मियों को वास्तविक समय में सतर्क करने के लिए डिज़ाइन की गई है। निगरानी बढ़ाने के लिए ज्ञात आतंकवादियों और संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्करों की तस्वीरें पहले ही सिस्टम के डेटाबेस में अपलोड कर दी गई हैं। जैसे ही कोई चिह्नित व्यक्ति कैमरे के फ्रेम में प्रवेश करता है, निगरानी केंद्र पर एक हूटर बज जाता है, जिससे सुरक्षा बल तुरंत प्रतिक्रिया कर सकते हैं और खतरे को बेअसर कर सकते हैं।
केंद्र सरकार भी सतर्क
इस बार अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर श्राइन बोर्ड और प्रशासन ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार भी सतर्क है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने जम्मू कश्मीर के 2 दिवस के दौरे के दौरान यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी कदम उठाने के आदेश जारी किए हैं।
ये भी पढ़ें- 'मेरी आंखों में आंसू हैं', श्रीनगर-कटरा वंदे भारत में यात्रा करके ऐसा क्यों बोले फारूक अब्दुल्ला?