जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (SKICC) में आज पहली बार अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया। IFFCO द्वारा आयोजित 'महिला किसान सम्मेलन' में हिस्सा लेते हुए, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक पल है कि श्रीनगर में इस सम्मेलन का आयोजन हुआ है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2026 को 'महिला किसानों का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष' घोषित करके एक उचित कदम उठाया है, जो एक लंबे समय से देखा जा रहा सपना था।
'हर योजना में महिला किसानों को प्राथमिकता मिले'
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस मौके पर कहा- "महिला किसानों के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष 2026' को एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में देखता हूं, जो कृषि के विकास में महिलाओं को केवल मजदूर नहीं, बल्कि 'सृजनकर्ता' के रूप में स्थापित करता है। हर योजना में महिला किसानों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुझे विश्वास है कि 2026 कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका को पूरी ईमानदारी से मान्यता देगा और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करेगा।"

'महिलाएं ही दुनिया चलाती हैं'
LG मनोज सिन्हा ने कहा- "महिला किसानों के बिना, हर थाली खाली होगी, और मानवता भूखी रह जाएगी। क्योंकि महिलाएं ही दुनिया चलाती हैं और अपने पुरुष समकक्षों की तुलना में अधिक मेहनत करती हैं। उनकी शक्ति ही खाद्य सुरक्षा की नींव है, जो हर क्षेत्र में परिवारों और समाज की समृद्धि का बीज है। कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन और डेयरी विभागों को महिला किसानों के लिए संसाधनों का आवंटन करना चाहिए। वहीं, वित्तीय संस्थानों को ऐसे ऋण उत्पाद (loan products) तैयार करने चाहिए, जिनसे भूमिहीन महिला किसान अपने नाम पर ऋण प्राप्त कर सकें।"
उपराज्यपाल ने कहा- "हमें जम्मू-कश्मीर में 'महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास' के संकल्प के साथ समाज में नई ऊर्जा का संचार करना होगा, ताकि महिलाओं की शक्ति इस क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सके। 2020 के बाद से महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण प्रगति ने एक राष्ट्रीय मिसाल कायम की है, और हमारा 'महिला किसान सशक्तिकरण प्रोजेक्ट' इसी सफलता का एक बेहतरीन उदाहरण है।"

'महिला सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता'
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा- "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुझे विश्वास है कि 2026 कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका को पूरी ईमानदारी से मान्यता देगा और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करेगा।"
महिलाओं ने क्या कहा?
वहीं, श्रीनगर में पहली बार आयोजित 'महिला किसान सम्मेलन' का स्वागत करते हुए महिलाएं खुश नजर आईं। उन्होंने कहा कि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। कश्मीर की महिलाओं ने न केवल अपनी आजीविका को एक नई दिशा देने में सफलता प्राप्त की है, बल्कि इस सम्मेलन के यहां आयोजित होने से महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। इसके अतिरिक्त, 33% महिला आरक्षण विधेयक का स्वागत करते हुए यह टिप्पणी की गई कि इस कानून को लागू होने में काफी विलंब हुआ है, और यह शासन-प्रशासन में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है।
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