राजौरी: जम्मू कश्मीर के राजौरी में रहस्यमयी बीमारी फैली हुई है। इस बीमारी से राजौरी संभाग के सुदूर बधाल गांव में 17 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और ये सभी 17 लोग तीन अलग-अलग परिवारों से हैं। ऐसे में सरकार ने पूरे गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है और लोगों के सामूहिक मिलन और कार्यक्रम पर रोक लगाई है।
सरकार ने क्या फैसला लिया?
- बधाल को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया।
- जिला मजिस्ट्रेट द्वारा बधाल में बीएनएसएस की धारा 163 (पहले 144 सीआरपीसी) लगाई गई।
- प्रभावित परिवारों के घरों को सील किया जाएगा।
- पूरे इलाके को 3 जोन में बांटा गया है।
- सभी सार्वजनिक और निजी समारोह प्रतिबंधित हैं।
- निषिद्ध क्षेत्रों में परिवारों को प्रदान किए जाने वाले सभी भोजन की निगरानी के लिए अधिकारियों/कर्मचारियों को नामित किया गया है।
सील की जा चुकी है बावड़ी
इससे पहले खबर आई थी कि गांव में मौजूद एक बावड़ी को सील कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक ये बात सामने आई थी कि झरने के पानी में कुछ कीटनाशक पाए गए हैं। इसके साथ ही बावड़ी के पास 24 घंटे सुरक्षाकर्मियों के तैनात रहने का आदेश दिया गया था। बताया गया था कि बावड़ी में कीटनाशकों की मौजूदगी पाई गई है।
अमित शाह ने दिया था टीम बनाने का आदेश
इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को बधाल गांव में मौतों के कारणों का पता लगाने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी टीम के गठन का आदेश दिया था। अधिकारियों ने बताया था कि जम्मू के एसएमजीएस अस्पताल में इलाज करा रहे मोहम्मद असलम के छह बच्चों में से आखिरी यासमीन कौसर की भी मौत हो गई थी। कौसर के पांच भाई-बहनों और दादा-दादी की पिछले सप्ताह मृत्यु हो गई थी। गांव में दो परिवारों के नौ अन्य सदस्यों की मौत 7 से 12 दिसंबर के बीच हो गई थी। (इनपुट: राही कपूर)