श्रीनगर: कश्मीर घाटी में रह कर काम कर रहे कश्मीरी पंडितों को दिवाली से पहले केंद्र सरकार की ओर बड़ा तोहफा मिला है। पीएम पैकेज के तहत कश्मीर घाटी में काम कर रहे कर्मचारियों को 936 ट्रांजिट फ्लैटों की चाबियां सौंपी गई हैं। श्रीनगर के ज़ेवन इलाके में 39 ब्लॉकों में तैयार किए गए इन फ्लैटों का आवंटन कर्मचारियों को किया गया। इसके अलावा कुपवाड़ा, बडगाम और कुलगाम के बाग में 69 ब्लॉकों में बने 480 फ्लैटों का भी उद्घाटन किया गया है।
ट्रांजिट फ्लैटों की चाबियां कर्मचारियों को सौंपी
आज जब PM पैकेज के तहत ज़ेवन इलाके में बने ट्रांजिट फ्लैटों की चाबियां कर्मचारियों को सौंपी गईं, तो कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के चेहरों पर सुकून और खुशी की मुस्कान देखी गई। कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में तैनात ये कश्मीरी पंडित लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे थे कि कर्मचारियों के लिए एक ही जगह पर ट्रांजिट फ्लैट बनाए जाएं। यह मांग तब और जोर पकड़ने लगी जब 2020 में PM पैकेज के तहत काम करने वाले कर्मचारी राहुल पंडित की 'टारगेट किलिंग' कर दी गई। इसके बाद यह मांग सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन के रूप में सामने आई, और आज आखिरकार उनका सपना सच हो गया।
अब तक किराये के मकानों में रह रहे थे
कश्मीर घाटी में ऐसे लगभग 6 हजार कर्मचारी हैं जो अलग-अलग विभागों में काम कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर कर्मचारी श्रीनगर और बडगाम में रहते हैं, जो अब तक श्रीनगर के अलग-अलग इलाकों में किराए के मकानों में रह रहे थे। कश्मीरी पंडितों का मानना है कि सुरक्षा के लिहाज से, सभी कर्मचारियों का एक ही जगह पर साथ रहना उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगा। साथ ही, इससे 'टारगेट किलिंग' जैसी घटनाओं को भी कम किया जा सकेगा। रविवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाद, आज कर्मचारियों को 936 फ्लैटों की चाबियां सौंप दी गईं। इसे केंद्र सरकार की ओर से कश्मीरी पंडितों के लिए एक बहुत बड़ा और बेहतरीन दिवाली तोहफा माना जा रहा है।KASHMIRI PANDIT EMPLOYEES BYTES
ग्राउंड फ्लोर के अलावा 5 मंजिल
यहां कुल 39 ब्लॉक हैं; हर ब्लॉक में ग्राउंड फ्लोर के अलावा 5 और मंजिलें हैं, और हर मंजिल पर 4 फ्लैट हैं। इस तरह एक ब्लॉक में कुल 24 फ्लैट हैं। हर फ्लैट में 2 कमरे, एक किचन, एक बाथरूम और एक बालकनी है, जिसे बहुत अच्छे से डिज़ाइन किया गया है। इसके साथ ही, हर ब्लॉक में लिफ्ट की सुविधा भी दी गई है
इसे केंद्र और स्थानीय प्रशासन द्वारा 'पीएम पैकेज' कर्मचारियों के रहन-सहन की स्थिति में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस पहल से कश्मीरी पंडितों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास मिला है, और उम्मीद है कि इससे उन्हें अपनी मातृभूमि में वापस लौटने में भी मदद मिलेगी।
10 जिलों में 'ट्रांजिट हाउसिंग'
कश्मीर घाटी में 'ट्रांजिट हाउसिंग' का यह बड़ा प्रोजेक्ट 2020 से 'मिशन मोड' में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके तहत कश्मीर घाटी के 10 जिलों में 20 अलग-अलग जगहों पर 342 ब्लॉक बनाए जाएंगे, जिनमें कुल 6,000 फ्लैट होंगे। मंजूर किए गए कुल फ्लैटों में से 5,200 से अधिक का निर्माण पूरा हो चुका है, और 3,800 से ज्यादा फ्लैट आवंटित भी किए जा चुके हैं।
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