कोरोना महामारी के बाद रियल एस्टेट का बाजार तो फिर से सक्रिय हो गया है, लेकिन अब इसकी दिशा पहले जैसी नहीं रही। जहां पहले सस्ते और मिड-सेगमेंट फ्लैट्स की अच्छी मांग रहती थी, अब प्रीमियम और अपर-मिड सेगमेंट प्रोजेक्ट्स का दबदबा बढ़ता दिखाई दे रहा है।
जानकार का कहना है कि टियर-2 शहर अब भारतीय रियल एस्टेट बाजार में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कुल मिलाकर, रिपोर्ट से पता चलता है कि टियर-2 बाजार में 'प्रीमियमाइजेशन' का ट्रेंड मजबूत हो रहा है, जहां मात्रा कम लेकिन मूल्य स्थिर या बढ़ रहा है।
दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य क्षेत्रों में घर खरीदारों को 12-15 वर्षों से अपने घरों का कब्जा नहीं मिला है। सालों से वह इसके इंतजार में हैं, जो लंबे समय से आर्थिक और भावनात्मक संकट से गुजर रहे हैं।
होम लोन एलिजिबिलिटी कुछ क्राइटेरिया का एक सेट है, जिसके आधार पर कोई फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन किसी कस्टमर की क्रेडिट योग्यता का आकलन करता है ताकि वह एक खास लोन अमाउंट ले सके और उसे चुका सके।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने सेक्टर ओमिक्रॉन-1ए में बने रेडी टू मूव 2BHK फ्लैट्स की ई-नीलामी योजना आज लॉन्च कर दी है। इस योजना के तहत फिलहाल 90 फ्लैट्स का आवंटन किया जाएगा। ये सभी फ्लैट्स पूरी तरह तैयार हैं और बहुमंजिला इमारत के पहले से लेकर 15वें फ्लोर तक स्थित हैं।
दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में रहने का सपना देख रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी मकर संक्रांति के बाद सेक्टर ओमिक्रॉन-1A की बहुमंजिला आवासीय सोसायटी में नई फ्लैट स्कीम लॉन्च करने जा रही है। इस योजना के पहले चरण में कुल 90 फ्लैट शामिल होंगे।
देश के 8 प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री 2025 में करीब 1 प्रतिशत घटकर 3,48,207 हो गई। ये आंकड़े सिर्फ प्राथमिक आवासीय बाजार से संबंधित हैं।
नए साल में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेशवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में राज्य के विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद 22 शहरों में नई आवासीय योजनाएं लांच करने जा रहे हैं।
2025 का वर्ष भारतीय प्रॉपर्टी मार्केट के लिए मिले-जुले नतीजे लेकर आया, जहां मांग में गिरावट के बावजूद संपत्ति के मूल्य में स्थिर वृद्धि हुई। यह दर्शाता है कि बाजार के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग प्रभाव पड़े हैं और आने वाले साल में आर्थिक नीति और वैश्विक परिस्थितियां इस क्षेत्र को प्रभावित कर सकती हैं।
प्रॉपइक्विटी का कहना है कि पारंपरिक रूप से अक्टूबर-दिसंबर का समय त्योहारों के चलते बिक्री और नए लॉन्च के लिए मजबूत माना जाता है। हालांकि, हालिया गिरावट इस बात को दर्शाती है कि बाजार में ‘प्रीमियमाइजेशन’ की तरफ रुझान बढ़ा है।
उत्तर प्रदेश में घर, फ्लैट और प्लॉट खरीदने का सपना देखने वाले लोगों के लिए सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने नई आवासीय योजनाओं में मकानों की कीमतें कम करने के लिए विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद के ओवरहेड चार्ज और कंटीन्जेंसी शुल्क में भारी कटौती कर दी है।
अलग-अलग शहरों में बिक्री के लिए उपलब्ध इन फ्लैटों का एरिया 28.20 वर्ग मीटर से लेकर 253.63 वर्ग मीटर है।
यह लेटेस्ट रिपोर्ट बताती है कि भारत के प्रमुख शहरों में आवासीय बाजार लगातार मज़बूत हो रहा है। प्रॉपर्टी की कीमतों में यह स्थिर वृद्धि बताती है कि खरीदारों का भरोसा और निवेशकों की दिलचस्पी अभी भी रियल एस्टेट सेक्टर में बरकरार है।
महाराष्ट्र के सहकारी आयोग आयुक्त ने एक महत्वपूर्ण और निर्णायक आदेश जारी किया है। इसमें साफ कहा है कि सहकारी हाउसिंग सोसाइटी की आम सभा या जनरल बॉडी ही सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है।
हर किसी का सपना होता है अपना खुद का घर हो वो भी बड़ा, सुंदर और अपने मुताबिक। लेकिन आज के समय में जब घरों की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि कितनी सैलरी होनी चाहिए कि हम 1 करोड़ रुपये का घर आराम से खरीद सकें?
दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट मार्केट में एक बार फिर करोड़ों की चमक बिखर गई है। गुरुग्राम के प्रीमियम रियल एस्टेट जोन गोल्फ कोर्स रोड पर स्थित DLF के नए सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट The Dahlias में एक बिजनेसमैन ने 380 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कीमत पर चार लग्जरी अपार्टमेंट्स खरीदे हैं।
किसी भी बैंक से होम लोन का मिलना आपकी उम्र, आपकी मंथली इनकम, सिबिल स्कोर और रीपेमेंट की क्षमता पर निर्भर करता है। एक तय मंथली इनकम के मुताबिक ही आपका मैक्सिमम लोन अमाउंट अप्रूव होता है।
भारत के हाउसिंग मार्केट में अब अफोर्डेबल होम्स का दौर खत्म होता नजर आ रहा है। लोगों की पसंद अब बदल रही है और खरीदार अब छोटे-छोटे 2BHK फ्लैट्स से निकलकर लग्जरी और प्रीमियम घरों की तरफ रुख कर रहे हैं।
डीडीए ने ईस्ट दिल्ली में नई हाउसिंग स्कीम की घोषणा की है, जिसमें राजधानी की सबसे ऊंची रेजिडेंशियल टावर में 1000 से ज्यादा फ्लैट्स उपलब्ध होंगे। यह 48 मंजिला टावर 155 मीटर ऊंचा होगा।
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 160 परिवारों को ‘पाम पैराडाइज’ आवासीय परियोजना के फ्लैट्स की चाबियां सौंपीं। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए है।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़