मुंबई स्थित रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म Anarock की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि, देश के शीर्ष सात शहरों (मुंबई, दिल्ली-NCR, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे और कोलकाता) में जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान आवासीय संपत्तियों की बिक्री सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़कर 1,01,675 यूनिट्स हो गई। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 93,280 यूनिट्स था। हालांकि, इस बढ़ोतरी को मुख्य रूप से लो-बेस इफेक्ट का फायदा बताया जा रहा है। तिमाही आधार पर बाजार में कमजोरी साफ नजर आई है।
Related Stories
आंकड़ों की तस्वीर
बिक्री मात्रा: 1,01,675 यूनिट्स (YoY +9%)
कुल बिक्री मूल्य: 1.51 लाख करोड़ रुपये (YoY +6%)
(पिछले साल: 1.42 लाख करोड़ रुपये)
तिमाही आधार पर गिरावट
पिछली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) की तुलना में इस तिमाही में बाजार में गिरावट दर्ज की गई:
बिक्री संख्या में 7 प्रतिशत की कमी (पिछली तिमाही: 1,08,970 यूनिट्स)
कुल मूल्य में 6 प्रतिशत की गिरावट (पिछली तिमाही: लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये)
पश्चिम एशिया तनाव का असर
Anarock के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि भारतीय रेजिडेंशियल रियल एस्टेट सेक्टर लंबी अवधि में मजबूत बुनियाद पर टिका हुआ है, लेकिन ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का अल्पकालिक नकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। उन्होंने बताया कि तेल और निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों ने खरीदारों पर दबाव डाला। खासकर मार्च महीने में बिक्री और खरीदारों के रुझान प्रभावित हुए। पश्चिम एशिया के कुछ निवेशकों ने अनिश्चितता के कारण निवेश फिलहाल टाल दिया। बता दें, एनारॉक भारत की प्रमुख रियल एस्टेट कंसल्टेंसी कंपनियों में से एक है। कंपनी हाउसिंग ब्रोकरेज के अलावा कमर्शियल स्पेस लीजिंग, भूमि अधिग्रहण, फंड रेजिंग और अन्य रियल एस्टेट संबंधी सेवाएं भी प्रदान करती है।
50 प्रमुख शहरों में कैसी रही बिक्री
देश के 50 प्रमुख शहरों में पिछले वर्ष घरों की बिक्री संख्या के हिसाब से तीन प्रतिशत घटकर 6.14 लाख इकाई रह गई, जबकि मूल्य के हिसाब से यह 16 प्रतिशत बढ़कर 8.46 लाख करोड़ रुपये हो गई। मूल्य के हिसाब से बिक्री 2024 के 7,29,112 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 8,46,648 करोड़ रुपये हो गई, जो 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। हाल ही में रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रमुख निकाय क्रेडाई और लियासेस फोरास की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।