Jammu and Kashmir Statehood Issue: सीएम उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायक संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली पहुंचेंगे, ताकि जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग पर जोर दे सकें और वहां के लोगों के लिए संवैधानिक गारंटी की मांग कर सकें। यह फैसला NC विधायकों की एक लंबी बैठक के दौरान लिया गया, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने की।
जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे के लिए अभियान तेज करेगी NC
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों को बहाल करने के लिए अपने राजनीतिक अभियान को और तेज करने का संकल्प लिया। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए NC के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने बड़ा बयान दिया।
पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाएगी और इस बात पर जोर देगी कि जम्मू-कश्मीर के लोग अपने लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों की वापसी के हकदार हैं: तनवीर सादिक
राज्य का दर्जा बहाल करवाना पहली प्राथमिकता
तनवीर सादिक ने कहा, 'अब समय आ गया है कि हम वह सब वापस हासिल करें जो हमसे छीन लिया गया है।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य का दर्जा बहाल करवाना पार्टी की सबसे पहली राजनीतिक प्राथमिकता बनी हुई है।
अलग-अलग राजनीतिक दलों से समर्थन मांगेगी NC
NC के नेताओं ने लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से इस मुद्दे को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि विधायकों का प्रतिनिधिमंडल संसद सत्र के दौरान अलग-अलग राजनीतिक दलों से समर्थन मांगेगा।
विधायकों और सांसदों की बैठक में हुआ बड़ा फैसला
मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने NC और उसके सहयोगी दलों के विधायकों और सांसदों की 7 घंटे तक चली लंबी बैठक के बाद यह बात कही। उन्होंने बताया कि आरक्षण और शराबबंदी सहित सभी विवादित मुद्दों पर चर्चा की गई।
2019 में छिना था जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा 31 अक्टूबर 2019 को केंद्र सरकार ने खत्म कर दिया था। 5 अगस्त, 2019 को भारत सरकार ने आर्टिकल 370 को निरस्त कर और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को पारित कर, जम्मू-कश्मीर को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पुनर्गठित कर दिया था।
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