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'युद्ध कोई विकल्प नहीं, पाकिस्तान से बातचीत जरूरी', फारूक अब्दुल्ला ने आरएसएस पदाधिकारी होसबाले का समर्थन किया

 Edited By: Shakti Singh
 Published : May 14, 2026 10:25 pm IST,  Updated : May 14, 2026 10:25 pm IST

फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि आरएसएस के पदाधिकारी का पाकिस्तान के साथ बातचीत करने की बात कहना बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख ने भी इसका समर्थन किया है। यह अच्छी बात है।

Farooq Abdullah- India TV Hindi
फारूक अब्दुल्ला Image Source : PTI

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले का समर्थन किया है। उन्होंने पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत करने वाले बयान का समर्थन करते हुए गुरुवार को कहा कि युद्ध कोई विकल्प नहीं है। तीन बार जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बातचीत में पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख ने होसबोले का समर्थन कर अच्छा काम किया है। 

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा, ''यह बहुत बड़ा कदम है कि आरएसएस नेता ने पाकिस्तान के साथ बातचीत की बात कही है और पूर्व सेना प्रमुख ने भी उनके बयान का समर्थन किया है। मुझे खुशी है कि अब कोई यह सोच रहा है कि युद्ध कोई विकल्प नहीं है। यह संवाद का प्रश्न है, जो हमारी समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा होना चाहिए।'' 

अब नागरिक समाज के नेतृत्व का समय- होसबोले

इससे पहले मंगलवार को होसबाले ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान के साथ गतिरोध को तोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम लोगों के बीच आपसी संपर्क है और संवाद के लिए हमेशा रास्ता खुला रहना चाहिए। आरएसएस के सरकार्यवाह (महासचिव) होसबाले ने कहा था कि पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने भारत का विश्वास खो दिया है और अब समय आ गया है कि नागरिक समाज नेतृत्व करे। 

पीएम मोदी के फैसले की भी तारीफ की

नयी दिल्ली में जारी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि यह समूह पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की दिशा में मदद करेगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा का भी स्वागत किया। जब उनसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों द्वारा अपने काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या घटाने के फैसले के बारे में पूछा गया, तो अब्दुल्ला ने कहा कि ईंधन संकट से निपटने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं। 

काफिले के वाहन कम करने की पहल जरूरी

फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ''मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा है। इससे पता चलता है कि हमारे पास ईंधन की कमी है और वास्तव में कमी है। मुझे उम्मीद है कि हर कोई अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या में कटौती करेगा।''

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