गुमला: प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) का शीर्ष आतंकवादी मार्टिन केरकेट्टा पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ में मारा गया। गुमला के एसपी ने बताया कि केरकेट्टा पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस टीमों को कामडारा इलाके में उसके मौजूद होने की सूचना मिली थी। जब पुलिस वहां पहुंची, तो उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पुलिस टीमों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। उसके पास से एक पिस्तौल बरामद की गई है। ऑपरेशन जारी है।
26 जुलाई को भी मारे गए थे तीन उग्रवादी
इससे पहले 26 जुलाई को गुमला पुलिस और झारखंड जगुआर बलों ने गुमला ज़िले में प्रतिबंधित संगठन झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) से जुड़े तीन उग्रवादियों को सफलतापूर्वक मार गिराया था।
पुलिस को उग्रवादी समूह की गतिविधियों के बारे में विशेष जानकारी मिलने के बाद शनिवार को यह मुठभेड़ हुई। ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर ज़िला पुलिस और झारखंड जगुआर बलों ने एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसके बाद उग्रवादियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में JJMP के तीन उग्रवादी मारे गए। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 और दो इंसास राइफलें बरामद कीं। फरार हुए अन्य उग्रवादियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान जारी है।
पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में दो माओवादियों को दिए गए मृत्युदंड पर खंडित फैसला
बता दें कि पिछले महीने जुलाई में झारखंड हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने 2013 में पुलिस दल पर हुए हमले के लिए दो माओवादियों को दी गई मौत की सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए खंडित फैसला सुनाया। इस हमले में पाकुड़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमरजीत बलिहार सहित छह पुलिसकर्मी मारे गए थे। न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय दोषियों को बरी करने के पक्ष में थे, जबकि न्यायमूर्ति संजय प्रसाद ने मौत की सजा बरकरार रखी। एसपी बलिहार के नेतृत्व वाली पुलिस टीम पर दो जुलाई, 2013 को माओवादियों ने हमला किया था।
इनपुट- एएनआई