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झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों ने 2 महीने के लिए आंदोलन को किया स्थगित, शाम तक छात्र जाएंगे वापस

 Reported By: Abhay Parashar Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Aug 19, 2026 02:21 pm IST,  Updated : Aug 19, 2026 02:48 pm IST

झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्र अब अपने घर को लौट जाएंगे। छात्रों की कोर कमेटी ने बैठक कर ये निर्णय लिया है। इसमें कहा गया है कि आंदोलन को दो महीने के लिए स्थगित किया गया है।

झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्र- India TV Hindi
झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्र Image Source : PTI

झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों ने 2 महीने के लिए आंदोलन को स्थगित कर दिया है। सरकार द्वारा मांगे माने जाने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने ये फैसला लिया है। आज शाम 3 से 4 बजे के बीच आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। सूत्रों के हवाले से खबर है कि आंदोलन 2 महीने के लिए स्थगित किया गया है। शाम तक छात्र वापस जाएंगे। हेमंत सोरेन सरकार ने सोमवार की देर रात छात्रों की अधिकतर मांगों को मान लिया था।

कोर कमेटी की हुई बैठक

वहीं, आज छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों की कोर कमेटी की फाइनल बैठक जयपाल मुंडा स्टेडियम में हुई। मुख्य मंच से अलग बनाए गए वॉलीबॉल कोर्ट में हुई इस बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति और सरकार के साथ हुई बातचीत पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद अगले कुछ घंटों में छात्र कोर कमेटी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने की बात कही गई है।

CBI जांच की मांग को छोड़कर अधिकांश पर जताई सहमति

छात्रों का दावा है कि CBI जांच की मांग को छोड़कर उनकी अधिकांश मांगों पर सरकार ने सहमति जता दी है। हालांकि, CBI जांच के अलावा PGT और एक्सरसाइज कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बन सकी है।

जिनकी नौकरी गई, वो परीक्षा देकर दोबारा पा जाएंगे

बैठक के दौरान छात्रों की ओर से कहा गया कि जिन लोगों की नौकरी चली गई है, अगर वे वास्तव में योग्य हैं तो वे दोबारा परीक्षा देकर नौकरी हासिल कर सकते हैं। वहीं, समिति ने कथित तौर पर पैसे देकर भर्ती होने वाले लोगों के प्रति किसी तरह की सहानुभूति न होने की बात कही।

सरकार से अधिसूचना वापस लेने की भी मांग 

छात्रों ने सरकार से अधिसूचना वापस लेने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि जिन परीक्षाओं को रद्द किया गया है, उन्हें रद्द करने के फैसले के खिलाफ कोर्ट से स्टे मिलने की संभावना हो सकती है। समिति का कहना है कि प्रभावित अभ्यर्थियों को अदालत जाने का संवैधानिक अधिकार है। इस पर छात्र समिति की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी।

तैयार की जाएगी आगे की रणनीति

छात्रों ने कहा कि सरकार की अधिसूचना में जिन परीक्षाओं को रद्द, स्थगित या उनकी जांच कराने की बात कही गई है, उन सभी बिंदुओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। छात्रों कोर कमेटी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे की रणनीति और सरकार की अधिसूचना पर विस्तृत जानकारी दिए जाने की संभावना है। फिलहाल सभी की नजर छात्रों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं।

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