झारखंड के गिरिडीह और गुमला जिलों में शनिवार को अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की हाथियों द्वारा कुचले जाने से मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि गिरिडीह जिले के बिशुनपुरा गांव के रहने वाले 61 वर्षीय किसान जागो महतो धान की कटाई कर रहे थे कि तभी एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया। जमुआ थाना प्रभारी दिलीप कुमार ने कहा कि यह घटना शुक्रवार को हुई। पुलिस ने मौके से शव को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
गिरिडीह जिले में भी हाथियों ने शख्स को मार डाला
वहीं, गिरिडीह जिले में हुई एक अन्य घटना में एक जंगली हाथी के हमले में 55 वर्षीय लालकूराम की मौत हो गई। मृतक भरनो थाना क्षेत्र के मोरगांव के निवासी थे। भरनो थाना प्रभारी कंचन प्रजापति ने बताया कि हाथी के हमले में घायल हुए लालकूराम की भरनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
इस घटना के बाद वन अधिकारियों द्वारा मृतक के परिवार को तत्काल राहत के रूप में 10,000 रुपये की राशि प्रदान की गई। शेष मुआवजा राशि (3,90,000 रुपये) पोस्टमॉर्टम होने के बाद दी जाएगी। प्रभारी ने बताया कि इस समय 18 जंगली हाथियों का एक झुंड संबंधित इलाके में मौजूद है और क्षेत्र में सार्वजनिक व्यवस्था एवं सुरक्षा बनाए रखने के एहतियाती कदम के तौर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी गई है।
बोकारो में हाथियों ने महिला को मार डाला
इससे पहले अभी हाल में ही बोकारो जिले में हाथियों के एक झुंड ने 45 वर्षीय एक महिला को कुचलकर मार डाला था। यह घटना जागेश्वर बिहार पुलिस चौकी के अंतर्गत घने जंगल में स्थित खरकांडा गांव में हुई। हाथियों के झुंड ने गांव के कई घरों को भी नुकसान पहुंचाया। मृतका की पहचान संझो देवी के रूप में हुई है। प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) संदीप शिंदे ने कहा कि 42 हाथियों का झुंड जंगल में घूम रहा है और रुक-रुक कर नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा, "झुंड को इलाके से खदेड़ने के लिए बचाव दल बुलाए गए हैं।
इनपुट- भाषा