1. Hindi News
  2. एजुकेशन
  3. न्‍यूज
  4. शिक्षा के माध्यम से महिला कार्य बल बढ़ाने की तैयारी

शिक्षा के माध्यम से महिला कार्य बल बढ़ाने की तैयारी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 04, 2020 11:59 am IST,  Updated : Mar 04, 2020 11:59 am IST

महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय शिक्षा के माध्यम से लड़कियों और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न महिला केन्द्रित नीति लागू कर रहा है।

Preparation to increase women work force through...- India TV Hindi
Preparation to increase women work force through education।

महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय शिक्षा के माध्यम से लड़कियों और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न महिला केन्द्रित नीति लागू कर रहा है। सरकार की इस नीति का उद्देश्य देश में महिला कार्य बल की भागीदारी बढ़ाई जा सके। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा, "सरकार ने 2014 से लड़कियों की शिक्षा के लिए अनेक परिवर्तनकारी कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। यह बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की सफलता के कारणों में एक है। इस योजना के तहत शिक्षा के सभी स्तरों पर लड़कियों का कुल नामांकन अनुपात लड़कों से अधिक है।"

उन्होंने आशा व्यक्त की कि लड़कियां/महिलाएं सभी क्षेत्रों में लड़कों को पीछे छोड़ देंगी। निशंक ने मंगलवार को नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह कार्यक्रम में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की महिला कर्मचारियों का सम्मान किया। उन्होंने महिला अधिकारियों और अन्य महिला कर्मचारियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की तथा उनके कड़े परिश्रम और शिक्षा क्षेत्र में योगदान की सराहना की। इस अवसर पर मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री संजय धोत्रे भी उपस्थित थे।

मंत्री पोखरियाल ने कहा, "महिलाओं में महान नेतृत्व क्षमता होती है, क्योंकि वे प्राकृतिक रूप से कई काम एक-साथ कर सकती हैं। महिलाओं की क्षमता और योग्यता से कोई इनकार नहीं कर सकता। वे अभूतपूर्व तरीके से कामकाजी और व्यक्तिगत जीवन कौशलों में संतुलन स्थापित कर सकती हैं।" उन्होंने कहा, "महिला को हमेशा शक्ति और देवी के रूप में प्रस्तुत किया जाता रहा है।

 हमारे मनीषियों का मानना था कि जहां नारी की पूजा होती है और उनका सम्मान किया जाता है, वहीं देवताओं का वास होता है। राष्ट्रनिर्माण और विकास के लिए महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जिस देश में महिलाओं का सम्मान नहीं किया जाता, वे देश कभी प्रगति नहीं कर सकते।"

समारोह को संबोधित करते हुए धोत्रे ने कहा कि महिलाओं के साथ बेहतर व्यवहार करने वाले समाज समृद्ध हुए हैं। महिलाओं की क्षमता से समाज को काफी लाभ होता है। मां सभी के जीवन को छूती है और सबकी पहली और सर्वश्रेष्ठ शिक्षक होती है। 

इस आधुनिक विश्व में कोई भी क्षेत्र महिलाओं से अछूता नहीं है और हमारे देश में महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और देश को आगे ले जाने में काफी योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय की महिला कर्मचारियों के साथ बातचीत कर उन्हें प्रसन्नता हुई। उन्होंने महिलाओं को फूल देकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। पोखरियाल और धोत्रे ने अधिकारियों के साथ सेल्फी भी ली।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। News से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें एजुकेशन