आंखें हमारे शरीर का सबसे खूबसूरत हिस्सा हैं। लेकिन अक्सर नीं पूरी न होने, बहुत ज़्यादा स्ट्रेस या आंखों के आसपास फ्ल्यूइड जमा होने से आंखों के नीचे पफीनेस आने लगता है। आंखों के नीचे काले घेरे या सूजन सिर्फ आंखों की खूबसूरती को ही नहीं खराब करता बल्कि इससे चेहरे पर बहुत ज़्यादा थकान नज़र आती है। ऐस में Garekars M.D. Dermatology Clinic की फाउंडर और डर्मेटोलॉजिस्ट, कॉस्मेटोलॉजिस्ट एवं ट्राइकोलॉजिस्ट, डॉक्टर गुरवीन वाराइच गरेकर बता रही हैं कि जब आपके आंखों के नीचे पफीनेस दिखे तो उसे दूर करने के लिए क्या करना चाहिए?
आंखों की पफीनेस को दूर करने के लिए आज़माए उपाय:
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कोल्ड ग्रीन टी बैग: आंखों की पफीनेस को दूर करने में कोल्ड प्रेस बेहद फायदेमंद माना जाता है। खासकर, आंखों की सूजन और डार्क सर्कल को कम करने के लिए कोल्ड ग्रीन टी बैग का इस्तेमाल ज़रूर करना चाहिए। ग्रीन टी में पाया जाने वाला कैफीन और एंटीऑक्सीडेंट्स सूजन को कम करने में कारगर हैं।
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कैफीन बेस्ड अंडर आई सीरम: डॉ. गुरवीन वाराइच गरेकर कहती हैं कि कैफीन बेस्ड अंडर आई सीरम आंखों के नीचे के काले घेरे और सूजन को कम करने के लिए बेहद मददगार हैं। यह सीरम आंखों के नीचे जमे फ्लुइड्स को बाहार निकलने में मदद करता है साथ ही वहां के ब्लड वेसेल्स को आराम देता है।
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मैग्नीशियम ग्लाइसीनेट: आंखों का सूजन और डार्क सर्कल दूर करने में मैग्नीशियम ग्लाइसीनेट सप्लीमेंट भी फायदेमंद माना जाता है। हालांकि इसका इस्तेमाल करने से पहले एक बार अपनी डर्मेटोलॉजिस्ट को ज़रूर दिखाना।
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नमक का कम सेवन करें: आंखों के नीचे सूजन अक्सर डाइट में नमक और शुगरी फूड्स का ज़्यादा सेवन करने की वजह से होती है। दरअसल, डाइट में साल्ट और शुगर का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल आंखों के नीचे तरल पदार्थ को जमा करते हैं जिससे सूजन और डार्कनेस की समस्या होने लगती है।
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तीन लीटर पानी का सेवन: आपकी आंखों के नीचे काले घेरे या सूजन न आए इसलिए अच्छी डाइट के साथ पानी भी खूब पिएं। एक दिन में आप तीन लीटर तक पाने का सेवन करें। पानी का ज़्यादा सेवन शररी से टॉक्सिंस को निकलने में मदद करता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।