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स्वाभिमान: द राइज़ ऑफ़ S.H.E कार्यक्रम में डॉ. प्रीति अदानी ने कहा, 'महिलाओं को सशक्त बनाना समाज को सशक्त बनाना है'

 Reported By: Saket Rai Edited By: Ritu Raj
 Published : Mar 12, 2026 06:58 pm IST,  Updated : Mar 12, 2026 08:52 pm IST

‘स्वाभिमान: द राइज़ ऑफ़ S.H.E’ नामक कार्यक्रम में मुंबई के शहरी वंचित वर्ग की महिलाओं की स्वाभिमान कार्यक्रम से जुड़ी यात्राओं को दिखाया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. प्रीति अदानी ने कार्यक्रम के प्रभाव और महिलाओं को सशक्त बनाने में समुदाय-आधारित पहलों की बढ़ती भूमिका के बारे में बात की।

महिलाओं को सशक्त बनाना समाज को सशक्त बनाना है- India TV Hindi
महिलाओं को सशक्त बनाना समाज को सशक्त बनाना है Image Source : YOUTUBE/A-CONNECT

अदानी फाउंडेशन ने अदानी इलेक्ट्रिसिटी और महिला आर्थिक विकास महामंडल (MAVIM) के साथ मिलकर मुंबई में 'स्वाभिमान: द राइज़ ऑफ़ S.H.E' कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें स्वाभिमान पहल से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। 2021-22 में शुरू किया गया यह कार्यक्रम शहरी वंचित समुदायों की महिलाओं को उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता और व्यवसाय प्रबंधन का प्रशिक्षण प्रदान करके सशक्त बनाना है। यह पहल स्वयं सहायता समूहों (SHG) को उद्यम स्वयं सहायता समूहों (ESHG) में परिवर्तित होने में सहायता करती है, जिससे महिलाएं स्थायी आजीविका का निर्माण कर सकें।

प्रीति अदानी ने ंमहिलाओं को सशक्त बनाने पर दिया जोर

स्वाभिमान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अदानी फाउंडेशन की प्रेसिडेंट प्रीति अदानी ने कहा कि स्वाभिमान सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, ये एक विचार है। प्रीति अदानी ने आगे कहा ये उन महिलाओं की कहानी है जिन्होंने अपनी जिंदगी में आत्मविश्वास और सम्मान के साथ जीने की राह चुनी है। उन्होंने कहा स्वाभिमान उन 4500 महिलाओं की हिम्मत, स्वाभिमान और सफलता को दर्शता है जिन्होंने अपने दम पर कुछ करने की ठानी है। उन्होंने कहा एक साल में 1 लाख महिलाओं को स्वाभिमान के साथ जोड़ने का संकल्प है।

 

इन्हीं महिलाओं ने अपने जीवन में बदलाव की एक नई कहानी लिखी है। इनमें धारावी की महिलाओं ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है। इन महिलाओं ने अपने जीवन की बागडोर खुद संभालने का सोचा और कर दिखाया है। उन्होंने इस बात पर जोर डाला कि कैसे इस संस्था ने कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल शिक्षा और बाजार संपर्कों के माध्यम से महिलाओं का समर्थन किया है, जिससे उन्हें टिकाऊ उद्यम बनाने में मदद मिली है। 

प्रीति अदानी ने आगे कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। “विश्व भर में हुए शोध से पता चलता है कि जब महिलाएं कमाती हैं, तो उनकी आय का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार के कल्याण पर खर्च होता है। एक महिला को सशक्त बनाना केवल एक व्यक्ति को सशक्त बनाना नहीं है, यह अगली पीढ़ी में एक निवेश है।

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