सावन के महीने की शुरुआत हो चुकी है। इस महीने में कई लोग उपवास करते हैं और व्रत वाली चीजों का सेवन करते हैं। इनमें सिंघाड़े का आटा भी शामिल है। बाजार में मिलने वाले सिंघाड़े के आटे में अक्सर मिलावट रहती है। अगर आप व्रत-त्योहार या सेहत के लिए बिल्कुल शुद्ध और बिना मिलावट वाला आटा चाहते हैं, तो इसे घर तैयार कर सकते हैं। इसे बनाना बेहद आसान है। बस कुछ आसान टिप्स और ट्रिक्स को अपनाकर आप बाजार जैसा बारीक और शुद्ध सिंघाड़े का आटा तैयार कर सकते हैं। यहां जान लें सिंघाड़े का आटा तैयार करने का तरीका।
1. सामग्री
सूखे सिंघाड़े: बाजार से अच्छी क्वालिटी के सूखे सिंघाड़े खरीदें। ध्यान रखें कि वे पूरी तरह से सूखे और साफ हों।
- खल-बट्टा या भारी बेलन
- हाई-पावर मिक्सी या ग्राइंडर
- महीन छलनी
2. तैयार करने का तरीका
सिंघाड़ों की सफाई: सबसे पहले सूखे सिंघाड़ों को कपड़े से पोंछकर उनकी धूल-मिट्टी साफ कर लें। अगर आपको लगता है कि उनमें थोड़ी नमी है, तो उन्हें 1-2 घंटे कड़क धूप में सुखा लें।
छोटे टुकड़ों में तोड़ना: सूखे सिंघाड़े काफी सख्त होते हैं। अगर आप इन्हें सीधे मिक्सी में डालेंगे, तो ब्लेड टूटने का डर रहता है। इसलिए खल-बट्टे या भारी बेलन की मदद से इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में कूट लें।
पीसना: अब इन छोटे टुकड़ों को मिक्सी के सूखे जार में डालें। मिक्सी को लगातार चलाने के बजाय 'रोक-रोक कर चलाएं। इससे आटा ज्यादा गर्म नहीं होगा और आसानी से पीस जाएगा।
छानना: पिसे हुए मिश्रण को एक महीन छलनी से छान लें। छलनी में बचे मोटे टुकड़ों को दोबारा मिक्सी में डालकर पीस लें।
3. ये टिप्स आएंगे काम
- सिंघाड़ों को कूटने से पहले धूप में सुखाने से वे कुरकुरे हो जाते हैं, जिससे उनका पाउडर आसानी से बन जाता है।
- मिक्सी को एक बार में न चलाएं। थोड़ा-थोड़ा करके पीसने से आटा बारीक बनता है।
- अगर आपको व्रत के लिए बिल्कुल मैदा जैसा बारीक आटा चाहिए, तो इसे सूती कपड़े से छानें।
4. स्टोर करने का सही तरीका
घर पर तैयार इस शुद्ध आटे को किसी एयरटाइट कांच के जार में रखें। इसे नमी और सीधी धूप से दूर किसी सूखी जगह पर रखें। अगर आप इसे 3-4 महीने तक फ्रेश रखना चाहते हैं, तो जार को फ्रिज में भी रख सकते हैं।