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PMOS के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद करेंगी ये 3 आदतें, न्यूट्रिशनिस्ट ने दी सलाह

 Written By: Poonam Yadav
 Published : Aug 04, 2026 03:47 pm IST,  Updated : Aug 04, 2026 03:47 pm IST

अगर आप भी पीएमओएस (PMOS) से पीड़ित हैं तो अपने हार्मोनल और मेटाबोलिक हेल्थ को बेहतर करने के लिए न्यूट्रिशनिस्ट के इस सलाह को फॉलो करें

पीएमओएस के लक्षणों को कंट्रोल करने के उपाय- India TV Hindi
पीएमओएस के लक्षणों को कंट्रोल करने के उपाय Image Source : MAGNIFIC

आजकल की बदलती जीवनशैली में ज़्यादातर महिलाएं पीएमओएस जिसे पहले पीसीओएस कहा जाता था उससे पीड़ित हैं। बता दें, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम को हार्मोन से जुड़ी समस्या माना जाता था। लेकिन अब जबकि साबित हो चुका है कि यह स्थिति मेटाबोलिक हेल्थ से भी जुड़ा है। तो अब इसे 'पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम' यानी पीएमओएस कहा जाने लगा हैं। इस कंडीशन में सिर्फ लेट पीरियड्स ही नहीं बल्कि महिलाओं को हेल्थ से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासकर, मोटापा बढ़ना, बालों का झड़ना, चेहरे पर एक्ने की समस्या और शरीर पर मोटे बालों का बहुत ज़्यादा आना। ऐसे में सर्टिफाइड नेशनल डायबिटीज़ एजुकेटर, न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में, पीएमओएस से जूझ रही हर महिलाओं के लिए तीन ऐसे आदतें बताई हैं जिससे इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

इन तीन चीजों में करें बदलाव

  • प्रोटीन का भरपूर सेवन: न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन कहती हैं कि जो भी महिला पीएमओएस से जूझ रही हैं उन्हें अपनी डाइट में प्रोटीन का खूब सेवन करना चाहिए। वो कहती हैं कि आपके हर मील में कम से कम 25 से 30 ग्राम प्रोटीन होना चाहिए। इससे आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है और कंट्रोल्ड ब्लड शुगर का मतलब है आपके हार्मोनल हेल्थ का बेहतर होना। साथ ही बाहर के शुगरी ड्रिंक्स, डिब्बाबंद फूड्स और जंक फूड्स का सेवन भी बंद करें।

  • तनाव कम लें: दीपशिखा जैन कहती हैं कि जितना हो सके अपने आप को शांत रखें और यह तभी होगा जब आप तनाव कम लेंगे। दरअसल, ज़्यादा तनाव आपके कॉर्टसॉल लेवल को ट्रिगर करता है जिससे शरीर में सूजन बढ़ता है जो आपके हार्मोनल हेल्थ को खराब करता है। इसलिए नींद अच्छी लें, तनाव कम लें और सोने से एक घंटे पहले मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाएं।

  • फिजिकल एक्टिविटी है ज़रूरी: आपको पीएमओएस हो चाहे न हो फिजिकली एक्टिव ज़रूर होना चाहिए। लेकिन अगर आपको पीएमओएस है तब तो आप अपनी जीवशैली में एक्सरसाइज़ और योगा ज़रूर शामिल करें। हॉफते ने तीन से चार बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। रोजाना दस से बारह हज़ार कदम चलें। ये एक्टिविटी आपके हॉर्मोन को बैलेंस करने का काम करती है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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