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नेचुरल तरीके से कैसे घटाएं वजन, बिना जिम के इन आयुर्वेदिक तरीकों से कम कर सकते हैं मोटापा

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Jul 16, 2026 06:30 am IST,  Updated : Jul 16, 2026 06:30 am IST

डाइटिंग करने, जिम में घंटों पसीना बहाने से भी कई बार वजन कम नहीं होता है। अगर वजन कम हो जाए तो तेजी से दोबारा बढ़ने लगता है। ऐसे में नेचुरल और आयुर्वेदिक तरीके से वजन घटाने की कोशिश करें। आप इन आयुर्वेदिक उपायों को करके मोटापा कम कर सकते हैं।

वजन घटाने का आयुर्वेदिक तरीका- India TV Hindi
वजन घटाने का आयुर्वेदिक तरीका Image Source : INDIA TV

आपने डाइटिंग भी करके देख ली, कीटो डाइट भी अपना ली, फास्टिंग करके भी देख ली, लेकिन फिर भी वजन नहीं कम नहीं हो पा रहा है। आपको लगता है कि खाना कम खाने या ना खाने से आपका वजन कम हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। इसके लिए वजन घटाने के सही तरीकों को अपनाना जरूरी है, जिससे शरीर से जरूरी पोषक तत्व बहुत ज़्यादा कम न हों। वजन हमेशा सेहतमंद, लगातार और असरदार तरीके से घटाना चाहिए। इसके लिए आयुर्वेदिक तरीका अपनाएं तो आपको आसानी से वजन घटाने में मदद मिल जाएगी। आयुर्वेद में कुछ ऐसे नियम हैं जो सेहत, संतुलन और लंबी उम्र को बढ़ावा देते हैं।

आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा (आशा आयुर्वेद क्लीनिक) की मानें तो वजन घटाने के आयुर्वेदिक तरीके हमेशा भरोसेमंद और असरदार होते हैं और इन्हें अपनाना भी बहुत आसान है। केमिकल, प्रोसेस्ड फ़ूड या ऐसी डाइट से बचकर, जिनसे फायदे के बजाय नुकसान ज्यादा होता है, वजन घटाने के आयुर्वेदिक तरीके आपको नेचुरली हेल्दी लाइफस्टाइल की ओर लेकर जाते हैं। कई लोग वजन तो घटना चाहते है, लेकिन खाने के ऊपर कंट्रोल नहीं कर सकते। ऐसे में कुछ आयुर्वेदिक उपाय वजन घटाने में असरदार हो सकते हैं।

नेचुरली और आयुर्वेदिक तरीके से कैसे वजन घटाएं

खाने के बाद टहलें- अगर आप भी खाना खाते ही बैठे रहते है या सो जाते है, तो अपनी इस आदत को सुधार लें। शरीर को खाना पचाने के लिए कम से कम आधा घंटा चाहिए। इसलिए खाने के बाद 20-25 मिनट टहलने की आदत बना लीजिए। इससे लंबे समय में लेकिन असरदार तरीके से वजन कम होने लगेगा।

मौसम के हिसाब से भोजन- वजन घटाने का सबसे अच्छा आयुर्वेदिक तरीका है मौसम और अपनी जगह के हिसाब से खाना खाएं। उमस भरी गर्मियों में, ताजा फलों और सब्जियों से भरपूर कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाना चाहिए, जिससे तरो-ताज़ा और ऊर्जावान बने रहते हैं। सर्दियों में जमीन के नीचे उगने वाली सब्ज़ियां, बीज, नट्स, मीट और चीज खाना फ़ायदेमंद होता है। बारिश के मौसम में हरी पत्तेदार सब्ज़ियां और अंकुरित अनाज शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। मौसम और जगह के हिसाब से खाने से पाचन बेहतर होता है और शरीर पोषक तत्वों को बेहतर ढंग से सोख पाता है।

कफ संतुलन वाला खाना खाएं- कफ को संतुलित करने वाले खाद्य पदार्थ खाने से शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है। प्रोसेस्ड, ठंडे या बासी खाने के बजाय ताजा और मौसमी चीजें खाएं। 

ध्यान करें- आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में, जब तनाव और डिप्रेशन हावी हो जाते हैं तो ज्यादातर लोग जरूरत से ज़्यादा खाने लगते हैं और वजन बढ़ने तक इसके बुरे असर को समझ नहीं पाते। इसलिए मन और शरीर को खुश और शांत रखने वाले हल्के योग, ध्यान या रिलैक्सेशन तकनीकों के लिए कम से कम 10 मिनट मैडिटेशन के लिए निकालना बहुत जरूरी है।

नियमित व्यायाम करें- आयुर्वेदिक विशेषज्ञ रोजाना 45-60 मिनट व्यायाम या योग करने की सलाह देते हैं, जिससे शरीर का मेटाबॉलिज़्म बेहतर होता है। इससे आपके मन और आत्मा को भी शांति मिलती है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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