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अच्छी सेहत के लिए आपको कितने घंटे काम करना चाहिए? डॉक्टर ने बताए हेल्दी वर्किंग आवर्स

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Jul 15, 2026 09:48 pm IST,  Updated : Jul 15, 2026 09:53 pm IST

​जरूरत से ज्यादा काम करना सिर्फ आपको शारीरिक या मानसिक रूप से ही नहीं थकाता बल्कि यह हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा सकता है। इसलिए, डॉक्टर बता रहे हैं कि हेल्दी शरीर के लिए कैसा होना चाहिए आपका वर्किंग आवर्स?

अच्छी सेहत के लिए कितने घंटे काम करना चाहिए- India TV Hindi
अच्छी सेहत के लिए कितने घंटे काम करना चाहिए Image Source : UNSPLASH

आज के समय में लोग करियर को प्राथमिकता देते हुए अक्सर लंबे समय तक काम करते हैं। लंबे समय तक काम करने से सफलता तो मिल सकती है लेकिन इसकी कीमत आपकी सेहत को चुकानी पड़ सकती है। एनवायरनमेंट इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के संयुक्त अध्ययन में इस बात को लेकर चेतावनी दी गई है। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने 15 जुलाई को X पर अपनी पोस्ट में बताया है कि रिसर्च वर्किंग आवर्स के बारे में क्या कहती है और काम और निजी ज़िंदगी के बीच बेहतर संतुलन कैसे बनाया जाए?

क्या कहती है स्टडी?

एनवायरनमेंट इंटरनेशनल जर्नल की स्टडी में वर्ष 2000 से 2016 के बीच 194 देशों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने उन लोगों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया जो सप्ताह में 55 घंटे या उससे अधिक काम करते हैं। उनकी तुलना उन लोगों से की गई जो 35 से 40 घंटे प्रति सप्ताह काम करते हैं। रिसर्च बताती है कि सेहत के लिए सबसे अच्छा दायरा हफ़्ते में लगभग 35-40 घंटे काम करना है। इससे ज़्यादा काम करने पर सेहत से जुड़े जोखिम बढ़ने लगते हैं, और हफ़्ते में 55 घंटे या उससे ज़्यादा काम करने का सीधा संबंध दिल की बीमारियों (कार्डियोवैस्कुलर रिस्क) के काफ़ी ज़्यादा जोखिम से है। 

स्टडी के अनुसार, सप्ताह में 55 घंटे या उससे अधिक काम करने वाले लोगों में इस्केमिक हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा अधिक पाया गया। WHO/ILO का अनुमान है कि 2016 में दुनिया भर में लंबे समय तक काम करने की वजह से स्ट्रोक और दिल की बीमारी से लगभग 7,45,000 लोगों की मौत हुई।

ज़्यादा काम करने से अन्य कौन सी समस्याएं हो सकती हैं?

बीमारियों की लिस्ट सिर्फ हार्ट डिजीज और स्ट्रोक तक ही समिति नहीं है। ज़्यादा काम करने से आपकी नींद खराब होती है साथ ही आपको हर समय थकान महसूह होता है। काम का बहुत ज़्यादा तनाव लेने से आपको एंग्जायटी और डिप्रेशन का भी सामना करना पड़ सकता है। काम का प्रेशर आपका ब्लड प्रेशर भी बढ़ा सकता है। साथ ही प्रोडक्टिविटी और ध्यान लगाने की क्षमता में भी कमी आती है।

क्या हैं सुझाव?

डॉ. सुधीर कुमार पोस्ट में लिखते हैं कि इसा पोस्ट का मकसद यह नहीं है कि आप काम न करें, बल्कि आप अपना काम स्मार्ट तरीके से करें। जब संभव हो, तो हफ़्ते में 35-40 घंटे काम करने का लक्ष्य रखें। हफ़्ते में 55 घंटे से ज़्यादा काम करने की आदत न डालें। काम के बीच-बीच में थोड़ा हिलने-डुलने या ब्रेक लेने का ध्यान रखें। पूरी नींद (7-9 घंटे) लें। नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करें। हर हफ़्ते कम से कम एक दिन रिकवरी और निजी जीवन के लिए रखें। एक लंबे और प्रोडक्टिव करियर के लिए अपनी सेहत का ध्यान रखना सबसे अच्छे निवेशों में से एक है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)

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