इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने अपनी नई वेबसाइट का बीटा (Beta) वर्जन लॉन्च कर दिया है। नई वेबसाइट को पहले से ज्यादा तेज, आसान और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। खास बात यह है कि इस वेबसाइट के डिजाइन और फीचर्स को बेहतर बनाने में छात्रों के सुझाव भी शामिल किए गए हैं। अब यात्रियों से भी फीडबैक मांगा जाएगा ताकि फाइनल वर्जन को और बेहतर बनाया जा सके।
मिलेगा नया लुक और आसान इंटरफेस
IRCTC की नई वेबसाइट का डिजाइन पहले से ज्यादा आसान और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब वेबसाइट पर बेकार के ग्राफिक्स और उलझाने वाले ऑप्शन नहीं होंगे। इससे टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा सरल और तेज हो जाएगी, जिससे हर तरह के यात्री आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
4 फीचर्स बदलेंगे टिकट बुकिंग का तरीका
- कैप्चा और पॉप-अप से मुक्ति: अब टिकट बुक करते समय यूजर्स को परेशान करने वाले फालतू कैप्चा, गैर-जरूरी पॉप-अप, चमकते ग्राफिक्स और ध्यान भटकाने वाले विज्ञापनों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- सीटों की उपलब्धता: अब यात्रियों को सभी श्रेणियों में खाली सीटों की जानकारी एक ही नजर में साफ-साफ दिखाई देगी।
- सुपरफास्ट चेकआउट: टिकट बुकिंग के स्टेप्स (चरणों) को काफी कम कर दिया गया है, जिससे बुकिंग बेहद कम समय में पूरी हो जाएगी।
- आसान रिपीट बुकिंग: यात्रियों की डिटेल्स (नाम, उम्र आदि) सेव रहेंगी, जिससे दोबारा टिकट बुक करते समय बार-बार जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जल्द आएगा नया रिजर्वेशन सिस्टम
रेलवे ने बताया कि अभी यह वेबसाइट ट्रायल के तौर पर लॉन्च की गई है। यात्रियों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर इसमें और सुधार किए जाएंगे। आने वाले कुछ हफ्तों में इस वेबसाइट को नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम से भी जोड़ दिया जाएगा, जिससे टिकट बुकिंग पहले से ज्यादा तेज और भरोसेमंद होगी।
MNIT के छात्रों के सुझावों से बदला IRCTC का चेहरा
साल 2002 में पहली बार लॉन्च हुई आईआरसीटीसी की वेबसाइट आज दुनिया के सबसे बड़े टिकट बुकिंग पोर्टल्स में से एक है, जो हर दिन औसतन करीब 14.5 लाख टिकटों की बुकिंग संभालती है। इस बेहद लोकप्रिय वेबसाइट के लुक और फीचर्स को और बेहतर बनाने की शुरुआत तब हुई, जब मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के छात्रों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के दौरान इसमें बदलाव के अहम सुझाव दिए थे। छात्रों को इस पूरी डिजाइनिंग प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया और उनके फीडबैक के आधार पर ही इस नए ट्रायल वर्जन को तैयार किया गया है।