स्किपिंग एक आसान और प्रभावी कार्डियो एक्सरसाइज है, जिसे आप घर या पार्क में कहीं भी कर सकते हैं। रोजाना सिर्फ 15 मिनट स्किपिंग करने से शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। American Heart Association (AHA) के अनुसार, वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज़ या 75 मिनट उच्च तीव्रता वाली एक्सरसाइज़ करनी चाहिए और यह एक हाई-इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज़ है। यह न केवल कैलोरी बर्न करने में मदद करती है, बल्कि हृदय, फेफड़ों और मांसपेशियों को भी मजबूत बनाती है।
रोज 15 मिनट तक स्किपिंग करने से क्या होता है?
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दिल को रखे स्वस्थ: स्किपिंग एक बेहतरीन कार्डियो वर्कआउट है। इसे नियमित करने से हृदय की कार्यक्षमता बेहतर होती है, ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और स्टैमिना बढ़ता है।
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वजन कम करने में मददगार: अगर आप पेट की चर्बी कम करना चाहते हैं, तो स्किपिंग एक अच्छा विकल्प हो सकती है। हालांकि, केवल स्किपिंग से नहीं बल्कि संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज के साथ ही बेहतर परिणाम मिलते हैं।
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हड्डियां और मांसपेशियां होती हैं मजबूत: रस्सी कूदने से पैरों, जांघों, कंधों, बाजुओं और कोर मसल्स की अच्छी एक्सरसाइज होती है। नियमित अभ्यास से मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
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फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में मदद: नियमित स्किपिंग करने से सांस लेने की क्षमता और सहनशक्ति (Endurance) में सुधार हो सकता है, जिससे दैनिक गतिविधियां करना आसान हो जाता है।
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तनाव कम करने में मदद: किसी भी प्रकार की नियमित शारीरिक गतिविधि की तरह स्किपिंग भी एंडोर्फिन हार्मोन के स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकती है, जिससे मूड बेहतर हो सकता है और तनाव कम महसूस हो सकता है।
स्किपिंग करते समय रखें इन बातों का ध्यान
शुरुआत 5–10 मिनट से करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। अच्छे स्पोर्ट्स शूज पहनें ताकि घुटनों और टखनों पर कम दबाव पड़े। समतल और सुरक्षित जगह पर स्किपिंग करें। एक्सरसाइज से पहले हल्का वार्म-अप और बाद में कूल-डाउन करें। हालांकि, जिन लोगों को घुटनों, टखनों या दिल से जुड़ी गंभीर समस्या है, उन्हें स्किपिंग शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)