Monday, March 02, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. हेल्थ
  4. अनोखा हॉस्पिटल जहां कुंडली देखकर किया जाता है इलाज, खबर सुनते ही सोशल मीडिया में हो रहा है विरोध

अनोखा हॉस्पिटल जहां कुंडली देखकर किया जाता है इलाज, खबर सुनते ही सोशल मीडिया में हो रहा है विरोध

Written by: India TV Lifestyle Desk Published : Jun 20, 2019 12:16 pm IST, Updated : Jun 20, 2019 12:16 pm IST

जयपुर स्थित 'यूनिक संगीता मैमोरियल हॉस्पिटल' में मरीज की बीमारी का पता लगाने के लिए ज्योतिष का सहारा लिया जाता है। इस बात को लेकर सोशल मीडिया में काफी विरोध भी हो रहा है।

unique sangeeta hospital - India TV Hindi
unique sangeeta hospital

हेल्थ डेस्क: कभी आपने ऐसे हॉस्पिटल के बारें में सुना है जहां पर आपकी रिपोर्ट्स न देखकर आपकी कुंडली देखी जाती है। जिसके बाद आपका इलाज किया जाए। आप यहीं सोच रहे होगे कि यहां क्या अंधविश्वास है। आज के समय में पढ़े-लिखे लोग इस बात पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करेंगे। आपके दिमाग में यही आएगा कि कैसे कुंडली देखकर किसी का इलाज किया जाता है। लेकिन हम आपको एक ऐसे हॉस्पिटल के बारें में बता रहे है। जहां पर वास्तव में ऐसा किया जाता है। जी हां जयपुर स्थित 'यूनिक संगीता मैमोरियल हॉस्पिटल' में मरीज की बीमारी का पता लगाने के लिए ज्योतिष का सहारा लिया जाता है। इस बात को लेकर सोशल मीडिया में काफी विरोध भी हो रहा है।

कुंडली देखकर बीमारी का इलाज

इस हॉस्पिटल को शुरु करने वाले पंडिल अखिलेश शर्मा है। जिनके कारण किसी को एडमिट करने से पहले उसकी कुंडली देखी जाती है। इस अस्पताल को शुरू करने वाले पं. अखिलेश शर्मा हैं। अस्पताल में इलाज के लिए मरीज को सबसे पहले रजिस्ट्रेशन के दौरान ही अपनी कुंडली लेकर जाना पड़ता है।

अगर कुंडली न हो तो
अगर किसी व्यक्ति के पास उसकी कुंडली मौजूद नहीं है, तो कुछ जरूरी जानकारियां जैसे- मरीज की जन्म तिथि, जन्म स्थान, जन्म का समय आदि पूछकर अस्पताल में ही तुरंत उसकी कुंडली बना दी जाती है। मरीज का नंबर आने पर डॉक्टर के सामने उसकी कुंडली पेश की जाती है, जिसके आधार पर डॉक्टर मरीज को उसके रोग, खतरे और इलाज के बारे में बताते हैं।

इस तरह किया जाता है इलाज
हॉस्पिटल में नॉर्मल इलाज वैदिक रीति रिवाजों के साथ किया जा है। यानी अगर आप चाहे तो वेदों में दिए हुए मंत्रों के माध्यम में रोगी का इलाज करा सकते है। इसके अलावा हॉस्पिटल में आर्युवेदिक, यूनानी और एलोपैथी के द्वारा भी ट्रिटमेंट किया जाता है।

कुछ ऐसा मिल रहा है रिस्पॉंस
अस्‍पताल के सचिव पंडित अखिलेश शर्मा रोजाना करीब 25-30 मरीजों की कुंडली देखते हैं, जिससे वे उनकी बीमारी के बारे में सटीक पता लगाते हैं और फिर उस दिशा में इलाज शुरू किया जाता है। पंडित शर्मा के मुताबिक, 'मैं रोजाना 25-30 कुंडली देखता हूं। हम केवल बीमारी का पता लगाने के लिए ज्‍योतिष का सहारा लेते हैं। इलाज के लिए हम मेडिकल साइंस का रुख करते हैं। हम ऐसा इसलिए करते हैं ताकि बीमारी के बारे में सही-सही जानकारी जुटाई जा सके और इसमें समय जाया न हो।'

वहीं, अस्‍पताल के डॉक्‍टर का कहना है कि मरीजों को उपचार उन्‍नत प्रौद्योगिकी के आधार पर दिया जाता है और ज्‍योतिष को भी इलाज प्रक्रिया में शामिल किए जाने के कारण मरीज संतुष्‍ट होते हैं। उन्‍होंने कहा, 'जब कोई मरीज यहां आता है तो उसका ज्‍योतिष मूल्‍यांकन किया जाता है और इसी आधार पर उसकी बीमारी के बारे में पता लगाया जाता है। इसके बाद मेडिकल और ज्‍योतिषीय उपचारों की तुलना की जाती है। उपचार उन्‍नत प्रौद्योगिकी के जरिये किया जाता है, लेकिन बीमारी का पता लगाने के लिए हम ज्‍योतिष का सहारा लेते हैं। इस तरह से मरीज भी संतुष्‍ट होते हैं।'

unique sangeeta hospital
unique sangeeta hospital

इस खबर को सुनते ही लोगों को आक्रोश सामने आ रहा है। हर किसी काै कहना है कि इस जमाने में यह कैसा संभव है। इन लोगों के खिलाफ एक्शन होना चाहिए।

ये भी पढ़ें-

मौनी रॉय ने शेयर किया पिंच मयूरासन करते हुए वीडियो, यूजर्स ने किए दिल खुश कर देने वाले कमेंट्स

लीची के कारण चमकी बुखार के शिकार हो रहे है बच्चें, जानें आखिर क्या है इसकी असली वजह

बिहार में चमकी बुखार बच्चों की जान के पड़ा है पीछे, जानें कैसे पड़ा इस खतरनाक रोग का ये नाम

Latest Lifestyle News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Health से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल

Advertisement
Advertisement
Advertisement