आज धनतेरस के साथ ही दिवाली के पावन त्योहार की शुरुआत हो चुकी है। दिवाली का त्योहार आते ही घरों में रोशनियों के साथ-साथ तरह-तरह की मिठाइयों की खुशबू महकने लगती है। त्योहारों के इस सीजन में हर कोई बाजार से मिठाई खरीदकर लाता है। इस दिन लक्ष्मी गणेश की पूजा के लिए मोतीचूर के लड्डू खरीदे जाते हैं। लेकिन आजकल बाजार में हर एक चीज में मिलावट हो रही है। ऐसे में आप घर पर शुद्ध हलवाई जैसा दानेदार मोतीचूर लड्डू बना सकते हैं। इसे बनाना बेहद आसान है। यहां मोतीचूर लड्डू की आसान सी रेसिपी दी गई है।
सामग्री
- बेसन: 2 कप (बारीक पिसा हुआ)
- चीनी: 2 कप
- पानी: 1 कप
- देसी घी या रिफाइंड ऑयल: बूंदी तलने के लिए
- दूध: 1 बड़ा चम्मच (चाशनी को साफ करने के लिए)
- केसर के धागे: 10-12
- ऑरेंज या पीला फूड कलर: 2 चुटकी
- हरी इलायची पाउडर: 1 छोटा चम्मच
- मगज के बीज (खरबूजे के बीज): 2 बड़े चम्मच
- नींबू का रस: कुछ बूंदें (चाशनी को क्रिस्टलाइज होने से बचाने के लिए)
मोतीचूर लड्डू बनाने का तरीका
- सबसे पहले एक बड़े बर्तन में बेसन छान लें। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर एक चिकना और हल्का गाढ़ा घोल तैयार करें। ध्यान रहे कि घोल में बिल्कुल भी गांठे नहीं रहनी चाहिए। घोल को 10 मिनट के लिए ढंककर रख दें।
- अब कढ़ाई में घी या तेल मध्यम आंच पर गर्म करें। बूंदी बनाने के लिए बारीक छेद वाले झारे यानी छलनी का इस्तेमाल करें। झारे को कड़ाही से थोड़ा ऊपर पकड़ें और उस पर थोड़ा बेसन का घोल डालें। घोल की बूंदें तेल में गिरकर गोल-गोल बूंदी बन जाएंगी। बूंदी को बहुत ज्यादा कड़ा नहीं करना है, बस हल्का सुनहरा होने से पहले ही तेल से बाहर निकाल लें।
- इसके बाद एक दूसरे पैन में चीनी और पानी मिलाकर मध्यम आंच पर उबालें। जब चीनी घुल जाए, तो इसमें एक चम्मच दूध मिलाएं ताकि चाशनी की सारी गंदगी ऊपर आ जाए, जिसे चम्मच से हटा दें। अब इसमें इलायची पाउडर, केसर, फूड कलर और नींबू की कुछ बूंदें डालें। चाशनी को एक या दो तार की नहीं बनाना है, बल्कि चिपचिपी तैयार करनी है।
- तैयार की गई गर्म बूंदी को हल्की गर्म चाशनी में मिला दें। साथ ही इसमें मगज के बीज भी डाल दें। कड़ाही को ढंककर 1-2 घंटे के लिए रख दें ताकि बूंदी अच्छी तरह से चाशनी को सोख ले और नरम व दानेदार हो जाए।
- मिश्रण जब हल्का ठंडा और हाथ से छूने लायक हो जाए, तो हथेलियों पर थोड़ा सा पानी या घी लगाकर छोटे-छोटे या मनचाहे आकार के गोल-गोल लड्डू बांध लें। फिर इसके ऊपर चांदी का वर्क लगाएं और लक्ष्मी गणेश की पूजा करें और इसका आनंद लें।