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दूसरों की मदद करने से पहले मनुष्य इस चीज का हमेशा रखें ध्यान, वरना सब कुछ दांव पर लगना तय

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Sep 28, 2021 06:10 am IST,  Updated : Sep 28, 2021 03:19 pm IST

खुशहाल जिंदगी के लिए आचार्य चाणक्य ने कई नीतियां बताई हैं। अगर आप भी अपनी जिंदगी में सुख और शांति चाहते हैं तो चाणक्य के इन सुविचारों को अपने जीवन में जरूर उतारिए।

Chanakya Niti- चाणक्य नीति- India TV Hindi
Chanakya Niti- चाणक्य नीति Image Source : INDIA TV

आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भले ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का विचार मर्यादा पर आधारित है।

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'मर्यादा से ऊपर जाकर की गई मदद हमेशा ही कष्टों का कारण बनती है।' आचार्य चाणक्य 

आचार्य चाणक्य के इस कथन का अर्थ है कि मनुष्य किसी की भी उतनी सहायता करे जितना उसके सामर्थ्य हो। अपनी शक्ति से ज्यादा किसी की भी मदद करना आप पर भारी पड़ सकता है। असल जिंदगी में कई बार ऐसा होता है कि मनुष्य अपनी क्षमता से ऊपर जाकर सामने वाले की मदद करने की कोशिश करता है। ऐसा करने से बचना चाहिए, नहीं तो वो आपके दुखों का कारण बन सकता है।

वर्तमान समय की बात करें तो आपको ऐसे बहुत ही कम लोग मिलेंगे जो आपकी मदद करने को आगे आएं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो आपकी सहायता करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। किसी की जरूरत पर मदद करना अच्छी बात है। लेकिन अपनी शक्ति से ज्यादा किसी के लिए कुछ करना आपके लिए मुसीबतों की वजह बन सकता है। 

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आप सामने वाले की मदद अपनी जेब देखकर करें। हमेशा आप इस बात का ध्यान रखें कि कहीं दूसरों की मदद आपके ऊपर भारी ना पड़ जाए। उदाहरण के तौर पर अगर आपकी जेब में उस वक्त 20 रुपये हैं तो आप सामने वाले को उतनी मदद करें जितना करने पर आपको कष्टों से गुजारा ना करना पड़े। ऐसा करके ही आप बुद्धिमानी का परिचय देंगे। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि मर्यादा से ऊपर जाकर की गई मदद हमेशा ही कष्टों का कारण बनती है। 

 

 

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