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साल 2017: वृश्चिक राशि वालों के लिए कुछ ऐसा रहेगा नया साल

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Dec 27, 2016 06:08 pm IST,  Updated : Dec 31, 2016 01:15 pm IST

वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल होता है इस कारण आपके भीतर मंगल की प्रवृति पाई जाती है, बलशाली व साहसी व्यक्ति होते हैं।इस राशि का प्रतीक चिन्ह एक बिच्छू है और इसका तत्व जल है। जानइए आपका नया साल कैसा बीतेगा...

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धर्म डेस्क: वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल होता है इस कारण आपके भीतर मंगल की प्रवृति पाई जाती है, बलशाली व साहसी व्यक्ति होते हैं।इस राशि का प्रतीक चिन्ह एक बिच्छू है और इसका तत्व जल है।  बिच्छू का प्रतीक चिन्ह होने से आप अति शीघ्रता से प्रतिक्रिया देने वाले व्यक्ति होगें जबकि बाहरी तौर पर आप स्वयं को बहुत ही शांत तथा संयमी दिखाने वाले व्यक्ति होते हैं।

आपकी एक खासियत यह है कि एक बार जिस बात को करने का जुनून आपके अंदर सवार हो जाता है तब आप उसे पूरा कर के ही दम लेते हैं। आप पुलिस विभाग में कार्यरत हो सकते हैं, रक्षा विभाग में भी आप नौकरी कर सकते हैं, रेलवे विभाग, दूर संचार विभाग आदि को भी आप आजीविका का क्षेत्र चुन सकते हैं।

करियर के नजरिए से नया साल

करियर की दृष्टि से आपका यह वर्ष बेहद शानदार है। खासकर विदेशी आमदनी के मामले में यह साल बेहद शुभ है। आप चाहे तो विदेश जाकर नौकरी कर सकते है। आप चाहे तो भारत में ही किसी मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर सकते है। और तरक्की हासिल कर सकते है। आप चाहें तो विदेशों में ठेके ले सकते है या विदेशों के साथ अनुबंध कर सकते है।

9 सितम्बर तक राहु 18 वर्षो के लिए विदेशों में आपकी जड़ें जमाकर आगे बढ़ जाएगा और 13 सितंबर तक एकादश स्थान का बृहस्पति आपकी आमदनी के पलों को दिन-दुगुना, रात-चौगना बढ़ाता रहेगा। इस आमदनी का संबंध स्थानीय कम ओर विदेशी ज्यादा होगा। सूचना, प्रकाशन आयात-निर्मात, आध्यात्मिक कार्य, जन-संपर्क आदि कार्यों को करने वाले लोगों के लिए विशेष लाभ का समय है।

फाइनेंशियल कंडीशन के लिहाज कैसे रहेगा आपका नया साल
वर्ष प्रवेश के समय आपकी आमदनी के कार्य में देव गुरू बृहस्पति बैठा हुआ है। इस स्थान पर बृहस्पति का गोचर बेहद शुभमाना जाता है। वर्ष प्रवेश को लेकर फरवरी की दोपहर 12 बजकर 13 मिनट तक बृहस्पति आमदनी का फ्लों बढ़ाने में पूरी तरह मददगार होगा। 6 फरवरी को इसी राशि में बृहस्पति वक्री हो जायेगा। जहां ये 9 जून तक वक्री रहेगा।

ये अवधि सामान्यतया अच्छी नहीं मानी गई है लेकिन जिन लोगों के जन्म के समय बहस्पति वक्री था उन्हें इस अवधि में विशेष लाभ होगा। 9 जून से बृहस्पति फिर मार्गी हो जाएगा और 13 सितम्बर तक यहीं रहेगा। यह समय आमदनी को बढ़ाने वाला और कोष को स्थिर करने वाला होगा। 26 जनवरी से 6 अप्रैल तक और 27 अक्टूबर से वर्ष के अंत तक दूसरे घर में शनि का गोचर कोष को स्थिर और संचित कराएगा।

प्रेम संबंधों के लिए कैसे रहेगा साल
वर्ष प्रवेश के समय शनिदेव दाम्पत्य के खाने को भयंकर दृष्टि से देख रहें है। लेकिन 26 जनवरी को यह इस खाने से चले जाएंगे। उस समय दाम्पत्य संबंध बेहतर होंगे। अगर पहले से कोई विवाद चल रहा है तो 26 जनवरी के बाद वह हल हो जाएगा। लेकिन यह स्थिति 21 जून को बदल सकती है। 21 जून से 25 अगस्त शनि की वक्री दृष्टि  दाम्पत्य संबंधों में गड़बड़ी कर सकती है। 25 अगस्त से विकरालता कम होगी और 27 अक्टूबर को पूरी तरह ठीक हो जाएगी। परिस्थतियां कुछ भी हो लेकिन वर्ष  प्रवेश के समय तीसरे घर का चन्द्रमा और एकादश बृहस्पति आपके दाम्पत्य संबंधों की ऊष्मा वनाएं रखेगे। लेकिन कुल मिलाकर आपको समझौता परक रूख अपनाना ही पड़ेगा। ''And you have to stop to conguer'' तुम्हें जीत के लिए झुकना पड़ेगा।

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