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Nag Panchami 2018:12 प्रकार के हैं मुख्‍य काल सर्पदोष, जानें नाग पचंमी के दिन कैसे पाएं सर्पदोष से निजात

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Aug 14, 2018 01:08 pm IST,  Updated : Aug 14, 2018 01:10 pm IST

आपकी कुंडली में कालसर्प दोष होने से आपको विवाह, संतान, सम्मान, पैसा, बिजनेस आदि संबधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। काल सर्प दोष 12 तरह के होते है। जो क आपकी कुंडली में से कोई एक रहकर आपका विनाश कर देता है। जानिए इन दोषों के बारें में और कैसे पाएं निवारण।

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Nag Panchami 2018 Image Source : FACEBOOKSHIVANISINGH

धर्म डेस्क: 15 अगस्त को नाग पंचमी का त्योहार है। इस दिन नागों की पूजा का विधान है। जिस कालसर्प दोष के नाम से सब डर जाते हैं, नागदेवता की पूजा करके उससे भी छुटकारा पाया जा सकता है। नागदेवता की पूजा कालसर्प दोष का निवारण करती है। इसलिए आपकी कुंडली में भी अगर काल सर्प दोष है तो उससे डरने की जरूरत नहीं है,  क्योंकि नागपंचमी के दिन आप कालसर्प दोष से मुक्ति के उपाय।

आपकी कुंडली में कालसर्प दोष होने से आपको विवाह, संतान, सम्मान, पैसा, बिजनेस आदि संबधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। काल सर्प दोष 12 तरह के होते है। जो क आपकी कुंडली में से कोई एक रहकर आपका विनाश कर देता है। जानिए इन दोषों के बारें में और कैसे पाएं निवारण। (Nag Panchami 2018: 38 साल बाद नाग पंचमी में दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि )

अनंत कालसर्प दोष

राहु लग्न में हो और केतु सप्तम भाव में स्थित हो तथा सभी अन्य ग्रह सप्तम से द्वादश, एकादशी, दशम, नवम, अष्टम और सप्तम में स्थित हो तो यह अनंत कालसर्प योग कहलाता है।

कुलिक कालसर्प दोष
राहु द्वितीय भाव में तथा केतु अष्टम भाव में हो और सभी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में हो तो कुलिक नाम कालसर्प योग होगा।  

शेषनाग कालसर्प दोष
कुंडली में राहु द्वादश स्थान में तथा केतु छठे स्थान में हो तथा शेष 7 ग्रह नक्षत्र चतुर्थ तृतीय और प्रथम स्थान में हो तो शेषनाग कालसर्प दोष का निर्माण होता है।

विषधर कालसर्प दोष
केतु पंचम और राहु ग्यारहवे भाव में हो तो विषधर कालसर्प योग बनाते हैं। (Nag Panchami 2018: सिर्फ नाग पंचमी को खुलते है इस मंदिर के पट, दर्शन मात्र से मिलती है इस दोष से मुक्ति )

वासुकी कालसर्प दोष
राहु तृतीय भाव में स्थित है तथा केतु नवम भाव में स्थित होकर जिस योग का निर्माण करते हैं तो वह दोष वासुकी कालसर्प दोष कहलाता है।

शंखपाल कालसर्प दोष
राहु चतुर्थ भाव में तथा केतु दशम भाव में स्थित होकर अन्‍य ग्रहों के साथ जो निर्माण करते हैं तो वह कालसर्प दोष शंखपाल के नाम से जाना जाता है।  

पद्य कालसर्प दोष
चतुर्थ स्‍थान पर दिए दोष के ऊपर का है पद्य कालसर्प दोष इसमें राहु पंचम भाव में तथा केतु एकादश भाव में साथ में एकादशी पंचांग 8 भाव में स्थित हो तथा इस बीच सारे ग्रह हों तो पद्म कालसर्प योग बनता है।

महापद्म कालसर्प दोष
राहु छठे भाव में और केतु बारहवे भाव में और इसके बीच सारे ग्रह अवस्थित हों तो महापद्म कालसर्प योग बनता है।

तक्षक कालसर्प दोष
जन्मपत्रिका के अनुसार राहु सप्तम भाव में तथा केतु लग्न में स्थित हो तो ऐसा कालसर्प दोष तक्षक कालसर्प दोष के नाम से जाना जाता है।  

कर्कोटक कालसर्प दोष
केतु दूसरे स्थान में और राहु अष्टम स्थान में कर्कोटक नाम कालसर्प योग बनता है।

Nag Panchami 2018
Nag Panchami 2018

शंखचूड़ कालसर्प दोष
सर्प दोष जन्मपत्रिका में केतु तीसरे स्थान में व राहु नवम स्थान में हो तो शंखचूड़ नामक कालसर्प योग बनता है।

घातक कालसर्प दोष
कुंडली में दशम भाव में स्थित राहु और चतुर्थ भाव में स्थित केतु जब कालसर्प योग का र्निमाण करता है तो ऐसा कालसर्प दोष घातक कालसर्प दोष कहलाता है।  

कैसे पाएं कालसर्प दोष से निजात

  • अनामिका अंगुली में सोना, चांदी और तांबा से मिली धातु की सर्प की अंगूठी शनिवार को धारण करें।
  • चौखट पर चांदी स्वास्तिक लगाएं।
  • दाम्पत्य जीवन में ज्यादा क्लेश हो तो किसी शनिवार को दोबारा सात फेरे लगाकर शादी करें।
  • कालसर्प दोष को दूर करने के लिए यह दिन बहुत विशेष माना जाता है। इस दिन नागों की पूजा और ऊं नम: शिवाय का जप करना फलदायी होता है। इसके अलावा इस दिन पर रुद्राभिषेक करने से भी जातक की कुंडली से कालसर्प दोष दूर हो जाता है।
  • 500 ग्राम का पारद शिवलिंग बनवा कर रुद्राभिषेक कराएं। घर में मोरपंख रखें। ओम नमो वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। एकाक्षी नारियल पर चंदन से पूजन कर के 7 बार सिर से घुमा कर प्रवाहित कर दें। सांप को सपेरे की मदद से दूध पिलाएं। नव नाग स्तोत्र का जाप करें। राहू यंत्र पास रखें या बहाएं। नाग पंचमी पर वट वृक्ष की 108 प्रदक्षिणा करें।

कालसर्प दोष से निजात पाने के लिए अपनाएं ये उपाय

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