मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपने '90 डिग्री' के अजीबोगरीब मोड़ के कारण मीम और जन आक्रोश का विषय बने एक रेल ओवरब्रिज का वास्तविक मोड़ 118-119 डिग्री का है। एक विशेषज्ञ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है। नवीनतम निष्कर्षों के मद्देनजर मध्य प्रदेश सरकार ने विवादास्पद संरचना के संबंध में ब्लैक लिस्ट में डाली गई एक फर्म के खिलाफ अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए अदालत से समय मांगा है।
मैनिट प्रोफेसर ने हाईकोर्ट में पेश की रिपोर्ट
भोपाल स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रोफेसर, विशेषज्ञ ने बुधवार को मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेव और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ के समक्ष इस ओवरब्रिज पर एक रिपोर्ट पेश की। राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में फ्लाईओवर के निर्माण में शामिल मेसर्स पुनीत चड्ढा ने पुल पर "समकोण" मोड़ को लेकर हुए बड़े विवाद के बीच सरकार द्वारा उसे ब्लैक लिस्ट में डालने के बाद हाई कोर्ट का रुख किया है। इस याचिका पर अदालत ने विशेषज्ञ रिपोर्ट मांगी थी।

पुल में 118-119 डिग्री का मोड़ होने की बात कहने वाली रिपोर्ट पेश होने के बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई पर पुनर्विचार के लिए अदालत से समय मांगा। कोर्ट ने यह अनुरोध स्वीकार कर लिया और मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को निर्धारित की। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि रिपोर्ट की प्रतियां सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जाएं।
खूब बने थे MEMES
याचिकाकर्ता के अनुसार, उसे 2021-22 में ऐशबाग में फ्लाईओवर के निर्माण का ठेका मिला था। पुल का सामान्य व्यवस्था चित्र (जीएडी) एक सरकारी एजेंसी द्वारा जारी किया गया था और काम 18 महीनों में पूरा होना था। याचिकाकर्ता ने कहा कि जीएडी को 2023 और 2024 के बीच संशोधित किया गया और पुल का निर्माण सरकारी एजेंसी की देखरेख में किया गया। हालांकि, पुल के अजीबोगरीब मोड़ वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिससे उपहास और आलोचना हुई क्योंकि इससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ गई है। इसके बाद सरकार ने मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन किया।
जांच समिति ने क्या कहा?
जांच समिति ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार और रेलवे के बीच समन्वय की कमी है, और साथ ही यह भी ध्यान दिलाया कि पुल के मोड़ के नीचे से रेल की पटरी गुजरती है। इसके अलावा, ओवरपास के खंभे निर्धारित दूरी पर नहीं लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि सरकार ने उसे सुनवाई का मौका दिए बिना, केवल जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। उसने कोर्ट को बताया, "पुल का मोड़ 90 डिग्री का नहीं, बल्कि 118-119 डिग्री के बीच है।"
सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी फोटो
18 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस रेलवे ओवरब्रिज की लंबाई 648 मीटर और चौड़ाई 8.5 मीटर है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और स्थानीय लोगों ने भोपाल के इस रेलवे ओवरब्रिज की तस्वीर शेयर कर इसके डिजाइन पर सवाल खड़े किए थे। उनका कहना है कि यह मोड़ एक दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन सकता है क्योंकि लगभग 90 डिग्री पर गाड़ियों को यहां पर मुड़ना होगा। हालांकि, PWD ने इसका बचाव किया था। (भाषा इनपुट्स के साथ)