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जहां पानी की एक बूंद के लिए करना पड़ता था संघर्ष, उस 'उफरी' गांव में हर घर में पहुंचा जल, पढ़ें पूरी कहानी

 Published : Apr 18, 2025 07:08 pm IST,  Updated : Apr 18, 2025 07:38 pm IST

एमपी के डिंडोरी जिले के उफरी गांव में पानी की एक बूंद के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था. अब उस उफरी गांव में हर घर में जल पहुंच गया है और ये गांव पेयजल के मामले में आत्मनिर्भर बन गया है।

डिंडोरी का उफरी गांव बना पेयजल की सुविधा से आत्मनिर्भर।- India TV Hindi
डिंडोरी का उफरी गांव बना पेयजल की सुविधा से आत्मनिर्भर। Image Source : INDIA TV

मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के करंजिया ब्लॉक का उफरी गांव, जहां कभी जल संकट विकराल रूप ले लेता था, अब स्वच्छ पेयजल की सुविधा से आत्मनिर्भर हो चुका है। यह वही गांव है, जहां पानी की एक-एक बूंद के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जहां महिलाओं और बच्चों का बड़ा हिस्सा अपने दिन का अधिकांश समय पानी की व्यवस्था करने में ही गंवा देता था। अब यह सब बीते समय की बात हो गई है।

गांव के बुजुर्ग गंगाराम बैगा बताते हैं, "गर्मियों में पानी की इतनी दिक्कत थी कि कई बार हमें रात में भी पानी भरने जाना पड़ता था। कई बार तो ऐसा हुआ कि झिरियों से गंदा पानी पीने के कारण गांव के कई लोग बीमार पड़ गए। हमें कभी उम्मीद नहीं थी कि हमारे गांव में भी नल से पानी मिलेगा। अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। यह हमारे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।"

पीएम जनमन योजना बनी संजीवनी

जल संकट से जूझ रहे इस गांव में पीएम जनमन योजना के साथ जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा यहां एक बड़ी पेयजल टंकी का निर्माण कराया गया, जिससे पाइपलाइन के माध्यम से हर घर तक पानी पहुंचाया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जनजातीय परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, ताकि उन्हें जल संकट से मुक्ति मिल सके। गांव की महिला सुकली बाई कहती हैं, "पहले हमें रोज सुबह जल्दी उठकर पानी के लिए निकलना पड़ता था। कई बार रात में भी पानी भरना पड़ता था, क्योंकि सुबह भीड़ अधिक होती थी। हमारी पूरी दिनचर्या पानी पर निर्भर थी, खेती-किसानी और बच्चों की देखभाल भी पीछे छूट जाती थी। अब हमें यह चिंता नहीं रहती, अब समय बचता है और हम अन्य कामों पर ध्यान दे सकते हैं।"

नल से जल, 110 परिवारों के जीवन में बदलाव

लगभग 530 जनसंख्या वाले उफरी गांव में जल जीवन मिशन के तहत 110 परिवारों को घर-घर नल कनेक्शन दिए गए। अब ग्रामीणों को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध है, जिससे कई समस्याएं हल हो गई हैं। सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि अब बीमारियों का खतरा कम हो गया है। पहले दूषित पानी पीने के कारण गांव में डायरिया, पीलिया जैसी बीमारियां आम थीं, लेकिन अब स्वास्थ्य केंद्र में ऐसे मामलों में काफी कमी आई है। गांव के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि उनके जीवन को सरल और सुखद बनाने वाली क्रांतिकारी पहल है। ग्रामीणों ने इस बदलाव को हृदय से स्वीकार किया है और प्रधानमंत्री जनमन योजना को विकास का वह स्रोत माना है, जिसने उफरी को नई पहचान दी है। पानी की हर बूंद के साथ अब यहां विकास की नई लहर बह रही है।

विकास की ओर बढ़ता उफरी

अब गांव में महिलाएं पानी भरने की चिंता से मुक्त होकर अपने घर-परिवार और आजीविका पर ध्यान दे सकती हैं। बच्चे बिना किसी रुकावट के स्कूल जा रहे हैं, और सबसे बड़ी राहत यह है कि गंदे पानी से होने वाली बीमारियों का डर अब नहीं सताता। गांव के कई परिवार अब आजीविका के नए साधनों की ओर बढ़ रहे हैं। पीएम जनमन योजना जल जीवन मिशन से हुए इस सकारात्मक बदलाव से पूरा गांव उत्साहित है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री श्री मोदी और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है और कहा है कि यह योजना उनके लिए केवल जल उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। अब उफरी गांव विकास की एक नई राह पर आगे बढ़ रहा है, जहां हर घर जल है और हर घर खुशहाली की ओर अग्रसर है।

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