मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहां पिता ने बेटे को ही किडनैप कर लिया। इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए, एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि एमपी के मुरैना में एक स्कूल से अपने चार साल के बेटे को कथित तौर पर अगवा करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने तीन दिन तक चले तलाशी अभियान के बाद बच्चे को सुरक्षित बचा लिया है। इस मामले की आगे की अपडेट देते हुए अधिकारी ने बताया कि आरोपी नीलेश राजपूत ने बच्चे का अपहरण इसलिए किया, क्योंकि मुरैना में रहने वाली उसकी अलग हो चुकी पत्नी उसे बेटे से मिलने नहीं दे रही थी।
तीन दिन बाद मिला बच्चा
मध्य प्रदेश में यह पहली बार नहीं हुआ है, जब बच्चों को पारिवारिक विवाद के कारण इस तरह का दुख झेलना पड़ता है। हाला ही में बड़वानी जिले की पुलिस ने उस युवती को बचाया था, जिसे मोटरसाइकिल पर जबरदस्ती ले जाते हुए देखा गया था। अब स्कूल से अपने ही बच्चे का अपहरण करने की इस खबर ने सभी को हैरान कर दिया है। पुलिस की दी गई जानकारी के अनुसार बताया गया कि राजपूत को पड़ोसी राज्य राजस्थान के पाली से गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन दिन की तलाशी के बाद बच्चे कार्तिकेय को सुरक्षित बचाकर उसकी मां से मिला दिया गया।
बेटे का अपहरण करने के लिए पिता ने रची साजिश
मुरैना के पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी ने बच्चे के अपहरण की साजिश दो अन्य लोगों के साथ मिलकर रची थी। उन्होंने यह भी बताया कि अपहरण में कथित तौर पर शामिल दो अन्य लोग फरार हैं और उन्हें ढूंढने की कोशिशें जारी हैं। जांच में पता चला कि अपहरण से पहले आरोपी और उसके दो साथी मुरैना के एक लॉज में 12 दिनों तक रुके थे। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर अपहरण की योजना बनाई और स्कूल के इलाके की रेकी की। उन्होंने कहा:
'बच्चे को पाली से सुरक्षित बचा लिया गया है। पिछले 72 घंटों में तकनीकी सबूतों और लगातार जांच से हमें आरोपी का पता लगाने में मदद मिली।'
नीलेश राजपूत ने क्यों किया अपने बेटे का अपहरण?
पुलिस के अनुसार झगड़े के बाद राजपूत और उनकी पत्नी अलग-अलग रह रहे थे। महिला अपने बच्चे के साथ मुरैना में अपनी मां के घर रह रही थी। एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपहरण इसलिए किया, क्योंकि उसकी पत्नी उसे अपने बेटे से मिलने नहीं देती थी। पुलिस ने बताया कि राजपूत 14 जुलाई को स्कूल के बाहर अपने बेटे का इंतजार कर रहा था। स्कूल की छुट्टी के बाद उसका अपहरण कर लिया और एक साथी के साथ स्कूटर पर भाग गया। उन्होंने बताया कि बाद में उन्होंने चंबल नदी के पुल के पास स्कूटर छोड़ दिया और दूसरी गाड़ी से राजस्थान भाग गए।
कैसे हुई आरोपी की पहचान
पुलिस ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल किया गया स्कूटर लॉज के मालिक का था। यह पूरी घटना स्कूल के CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जिसमें आरोपी बच्चे को ले जाते हुए दिखाई दिया। पुलिस ने बताया कि इस फुटेज और दूसरे तकनीकी सबूतों की मदद से उन्होंने आरोपी की पहचान की और उसे ढूंढ़ निकाला। बच्चे की मां ने शुरू में इस बात से इनकार किया था कि CCTV फुटेज में दिख रहा व्यक्ति उसका पति है, लेकिन बाद में उसने जांच में सहयोग किया। उन्होंने बताया कि लॉज के मालिक ने भी फुटेज देखकर आरोपी की पहचान की, जिससे जांचकर्ताओं को घटनाक्रम समझने में मदद मिली।
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