राजगढ़ जिले के जीरापुर नगर की सड़कों पर इन दिनों आम जनता के बजाय आवारा सांडों का राज चल रहा है। नगर के सबसे बिदी इलाके अब सांडों की आपसी लड़ाई के चलते जंग के मैदान में तब्दील हो चुके हैं। राजगढ़ जिले के जीरापुर नगर में आवारा सांडों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब व्यस्ततम इलाके जंग के मैदान में तब्दील हो चुके हैं। हाल ही में नगर की जमाई कॉलोनी में एक बेहद खौफनाक वाकया सामने आया, जिसने स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को पूरी तरह उजागर कर दिया है। अपने घर लौट रही एक मासूम बालिका आवारा सांड के सींघ मारकर घायल कर दिया। इसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
तेज दौड़कर आए सांड ने बालिका को पटका
जमाई कॉलोनी के आम रास्ते पर स्कूल से लौट रही एक बालिका के सामने अचानक एक तेज दौड़ता हुआ सांड आ गया। इससे पहले कि बालिका खुद को संभाल पाती या वहां से भाग पाती, सांड ने उसे जोरदार टक्कर मारकर जमीन पर पटक दिया। सांड का यह हमला इतना अप्रत्याशित और भयानक था कि बालिका बुरी तरह घबरा गई और डर के मारे सड़क पर ही बेहोश हो गई। मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने जब यह मंजर देखा तो वहां चीख-पुकार मच गई। लोगों ने तुरंत दौड़कर बालिका को संभाला, उसके चेहरे पर पानी के छींटे मारे और हाथ-पैर मलकर किसी तरह उसे होश में लेकर आए।
प्रमुख चौराहों और नाकों पर ठप हो रहा व्यापार
जीरापुर के इंदर चौराहा, बस स्टैंड, खिलचीपुर नाका और माचलपुर नाका जैसे मुख्य क्षेत्रों में दो-दो क्विंटल वजनी सांडों का डेरा है। ये जानवर जब बीच सड़क पर सींग फंसाकर आपस में भिड़ते हैं, तो पूरी सड़क पर लंबा जाम लग जाता है। सांडों की हिंसक भिड़ंत को देखकर दुकानदारों को अपनी सुरक्षा के लिए दुकानों के शटर गिराने पड़ते हैं। इस दौरान सड़क से गुजरने वाले बाइक सवार संतुलन बिगड़ने से गिरकर चोटिल हो रहे हैं, बुजुर्गों की सांसें अटक रही हैं और महिलाएं डर के मारे अपने बच्चों को सीने से चिपका रही हैं।
हादसों के बाद भी नगर परिषद का मौन व्रत, बड़े हादसे का इंतजार
नगर की सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण खून बहने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई राहगीर इन सांडों के हमले की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच चुके हैं, जिसमें किसी का सिर फूटा तो किसी के हाथ-पैर टूटे। बार-बार हो रहे इन हादसों के बावजूद नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह मूकदर्शक बने हुए हैं। स्थानीय नागरिकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है और उनका सीधा आरोप है कि शिकायतों के पुलिंदे भेजने के बाद भी आंख-कान बंद करके बैठी नगर परिषद किसी बड़े हादसे और उसकी हेडलाइन बनने का इंतजार कर रही है।:
रिपोर्ट- गोविंद सोनी