मध्यप्रदेश के छतरपुर जिला कांग्रेस कार्यालय 'राजीव भवन' में आज आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। कार्यक्रम स्थल पर मीडिया के सामने लगाए गए राहुल गांधी के पोस्टरों में गंभीर त्रुटियां देखने को मिलीं। मंच के पीछे लगे एक मुख्य पोस्टर में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 'संविधान की प्रति' को उल्टा पकड़े हुए दिखाई दिए, जिसने देखते ही देखते सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया और कार्यक्रम में विवाद की स्थिति बन गई।
राहुल गांधी के चेहरे पर दिखे पुराने केक के निशान
चर्चा सिर्फ उल्टे संविधान वाले पोस्टर तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि मंच पर मौजूद दूसरे पोस्टर ने भी लोगों को हैरान किया। इस दूसरे पोस्टर में राहुल गांधी के चेहरे पर केक लगा हुआ नज़र आ रहा था। पड़ताल करने पर पता चला कि हाल ही में राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर अति-उत्साही कार्यकर्ताओं ने पोस्टर को प्रतीकात्मक रूप से केक खिलाया था। जन्मदिन बीत जाने के बाद भी उस पोस्टर को साफ नहीं कराया गया और उसी स्थिति में उसे प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य मंच पर लगा रहने दिया गया।
गंभीर मुद्दों के बजाय पोस्टरों पर टिकीं सबकी नजरें
यह पूरा वाकया राजीव भवन के मुख्य मीटिंग एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल का है। यहाँ कांग्रेस ने "देश की शिक्षा व्यवस्था ICU में" और "छात्रों की गूंज" जैसे बेहद गंभीर विषयों पर मीडिया को संबोधित करने के लिए प्रेस वार्ता बुलाई थी। पार्टी का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था और छात्र हितों से जुड़ी कमियों को उजागर करना था, लेकिन मंच की पृष्ठभूमि (बैकड्रॉप) में लगी इन दो बड़ी लापरवाहियों के कारण पूरा आयोजन अपनी राह से भटक गया और चर्चा का विषय बदल गया।
जिला अध्यक्ष गगन यादव ने दी प्रिंटिंग मिस्टेक की दलील
मामले के तूल पकड़ते ही जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गगन यादव ने इस पर अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने इसे एक अनजानी भूल बताते हुए कहा कि पोस्टर में संविधान का उल्टा दिखना महज एक प्रिंटिंग मिस्टेक है। उन्होंने दलील दी कि जब बैनर लगाया जा रहा था, तब हड़बड़ी में किसी का ध्यान इस बारीकी पर नहीं गया। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संगठन की ऐसी कोई मंशा नहीं थी कि कोई त्रुटिपूर्ण पोस्टर मंच पर लगाया जाए और इस गलती को जल्द ही सुधार लिया जाएगा।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में किरकिरी
इस प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष गगन यादव के अलावा स्थानीय विधायक, पूर्व विधायक, सहित युवा कांग्रेस, सेवादल, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई और कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के तमाम आला पदाधिकारी व कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद थे। इतने बड़े संगठनात्मक नेतृत्व की उपस्थिति के बावजूद मंच पर हुई इस जमीनी चूक ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस के लिए एक असहज स्थिति पैदा कर दी है।
रिपोर्ट- प्रेम गुप्ता
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