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सतना में बदहाल सड़कों ने बढ़ाई मरीजों की मुश्किल, चारपाई बनी एंबुलेंस, लकवाग्रस्त बुजुर्ग को खाट से पहुंचाया अस्पताल

 Written By: India TV MP Bureau Desk
 Published : Jul 12, 2026 08:25 pm IST,  Updated : Jul 12, 2026 08:25 pm IST

सतना जिले के कोठी तहसील के रामपुरा गांव में बदहाल सड़क के चलते एक लकवाग्रस्त पीड़ित बुजुर्ग को खाट के सहारे अस्पताल पहुंचाया गया। परिजन करीब डेढ़ किलोमीटर तक बुजुर्ग को खाट पर लेकर चलते रहे और मुख्य मार्ग तक पहुंचे, जहां से वाहन की व्यव्स्था की गई।

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बदहाल सड़क के चलते गांव तक नहीं पहुंच पाते वाहन। Image Source : INDIA TV

मध्यप्रदेश के सतना जिले से फिर एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसमें सड़क की बदहाली साफ तौर पर देखी जा सकती है और इस तस्वीर ने एक बार फिर विकास के दावों की पोल खोल दी है। मामला सतना जिले के कोठी तहसील के ग्राम पंचायत गौरैया अंतर्गत रामपुरा गांव का है, जहां बदहाल सड़क के कारण शनिवार को एक पैरालिसिस से पीड़ित बुजुर्ग महिला को परिजनों को चारपाई पर लिटाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। गांव की सड़क पूरी तरह से टूटी और कीचड़ से भरी थी, जिसके चलते वाहनों का गांव तक पहुंच पाना नामुमकिन था। ऐसे में परिजनों ने खाट को ही एंबुलेंस बना लिया, जिस पर बुजुर्ग महिला को लिटाकर मुख्य मार्ग तक लाया गया।

डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य मार्ग तक पहुंचे ग्रामीण

बुजुर्ग महिला को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए परिजन और ग्रामीणों का खासी मशक्कत करनी पड़ी। करीब डेढ़ किलोमीटर तक कीचड़ भरे कच्चे रास्ते से चलकर महिला को खाट के सहारे मुख्य सड़क तक लाया गया, जहां से वाहन की व्यवस्था कर महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र की सड़क व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। चौंकाने वाली बात तो ये है कि यह गांव नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के विधानसभा क्षेत्र में आता है।

गांव में रहते हैं करीब 100 परिवार

ग्रामीणों ने बताया कि रामपुरा गांव में करीब 100 परिवार रहते हैं और गांव तक पहुंचने वाली सड़क पूरी तरह से खराब हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क सालों से इसी हाल में है। सड़क इस कदर जर्जर स्थिति में पहुंच गई है कि यहां से वाहनों का गुजरना मुश्किल है और बारिश के मौसम में ये हालात और भी ज्यादा बिगड़ जाते हैं। बरसात में सड़क पर कीचड़ और फिसलन के कारण एंबुलेंस सहित अन्य वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को चारपाई या कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक लाना मजबूरी बन जाता है।

करीब 20 साल पहले हुआ था सड़क का निर्माण कार्य

ग्रामीण दुर्गेश त्रिवेदी के मुताबिक करीब 20 साल पहले लोक निर्माण विभाग ने यहां डब्ल्यूबीएम सड़क बनाई थी। इसके बाद कभी भी इस सड़क की मरम्मत नहीं हुई और धीरे-धीरे कर सड़क पूरी तरह उखड़कर कच्चे रास्ते में बदल गई। ग्रामीण कई बार सरपंच, सचिव और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है और आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की है।

(सतना से अमित त्रिपाठी की रिपोर्ट)

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