1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. 12 हजार किसानों ने मुंबई कूच क्यों किया? 1,000 से अधिक वाहनों के साथ लॉन्ग मार्च, CM फडणवीस के आवास तक पहुंचेंगे

12 हजार किसानों ने मुंबई कूच क्यों किया? 1,000 से अधिक वाहनों के साथ लॉन्ग मार्च, CM फडणवीस के आवास तक पहुंचेंगे

 Reported By: Sachin Chaudhary,  Written By: Subhash Kumar
 Published : Oct 26, 2026 08:55 pm IST,  Updated : Oct 26, 2026 08:56 pm IST

महाराष्ट्र के अकोले से 12 हजार किसानों ने मुंबई की ओर कूच कर दिया है। ये मार्च 1,000 से अधिक वाहनों के साथ शुरू हुआ है। किसानों ने इस मार्च के तहत मुख्यमंत्री के आवास वर्षा बंगले तक पहुंचने का ऐलान।

maharashtra akole farmers march to mumbai- India TV Hindi
महाराष्ट्र में किसानों का मुंबई मार्च। Image Source : REPORTER

महाराष्ट्र में किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण कामगारों की मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में सोमवार को अकोले से मुंबई तक वाहन लॉन्ग मार्च शुरू हुआ।  किसान सभा के मुताबिक, राज्य के 20 से अधिक जिलों से आए 12,000 से अधिक किसान 1,000 से ज्यादा वाहनों के साथ मुंबई की ओर रवाना हुए हैं। आंदोलनकारी मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा बंगले तक पहुंचकर अपनी मांगें सरकार के सामने रखने वाले हैं। मार्च शुरू होने से पहले अकोले शहर में लाल झंडों के साथ पैदल मार्च निकाला गया। इसमें किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक धवले, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विजू कृष्णन, राष्ट्रीय सहसचिव डॉ. अजित नवले, माकपा विधायक विनोद निकोले और संगठन के अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। नासिक जिले से आया वाहनों का काफिला भी घोटी में मुख्य मार्च में शामिल हुआ।

किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

किसान सभा ने राज्य के 358 में से 305 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किए जाने का हवाला देते हुए प्रति किसान परिवार 5,000 रुपये की घोषित सहायता को अपर्याप्त बताया है। संगठन ने फसल नुकसान का पर्याप्त मुआवजा देने और फसल बीमा के भुगतान में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग की है।इसके अलावा, दो लाख रुपये की कर्जमाफी का लाभ नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को भी देने, वन भूमि, देवस्थान ट्रस्ट, इनाम और चरागाह की जमीन पर खेती करने वाले किसानों के भूमि अधिकार दर्ज करने की मांग उठाई गई है।

maharashtra akole farmers march to mumbai
Image Source : REPORTERअकोले से निकला किसानों का मार्च।

आशा और आंगनवाड़ी कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल

इस लॉन्ग मार्च में पेसा कर्मचारी, निर्माण मजदूर, पोषण आहार कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कर्मचारी भी शामिल हैं। किसान सभा ने ग्रामीण मजदूरों के लिए उचित वेतन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के कर्मचारियों की लंबित मांगों को हल करने की मांग की है। संगठन ने नमो शेतकरी महासम्मान निधि योजना की दो लंबित किस्तें किसानों के खातों में जमा करने की भी मांग की है। साथ ही, किसान सभा का दावा है कि ई-केवाईसी के कारण लाडकी बहिण योजना से बाहर हुईं 81 लाख महिलाओं को दोबारा योजना में शामिल कर उनका बकाया मानधन दिया जाए और ई-केवाईसी प्रक्रिया फिर शुरू की जाए।

सरकार के नोटिस के बावजूद मार्च जारी रखने का ऐलान

किसान सभा के अनुसार, मांगों को लेकर 21 से 26 अक्टूबर तक अकोले में महा-मुक्काम सत्याग्रह किया गया था। संगठन का आरोप है कि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक चर्चा करने के बजाय आंदोलनकारियों को पुलिस के माध्यम से नोटिस जारी किए और उन्हें वर्षा बंगले तक जाने से रोकने का प्रयास किया। किसान सभा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें सरकार के सामने रखना जनता का अधिकार है और नोटिस जारी करने से किसानों की समस्याएं खत्म नहीं होंगी।

आज रात घाटणदेवी में पड़ाव

आयोजकों के मुताबिक, मार्च सोमवार रात इगतपुरी के पास घाटणदेवी में पड़ाव डालेगा। मंगलवार सुबह आंदोलनकारी कसारा घाट से होते हुए मुंबई की ओर आगे बढ़ेंगे। किसान सभा ने मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा कर सभी मांगों पर ठोस निर्णय लेने और उन्हें लिखित रूप में स्वीकार करने की अपील की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि मांगें लिखित रूप में मंजूर होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

ये भी पढ़ें- सिग्नल हुआ फेल तो खड़ी हो गई मुंबई लोकल, रेल यात्रियों को हुई परेशानी, कई लाइनों पर ट्रेन परिचालन प्रभावित-VIDEO

32 हजार से ज्यादा पेड़ों की कटाई को लेकर घमासान, CM फडणवीस बोले- '28 करोड़ पेड़ जितना प्रदूषण कम करेगा प्रोजेक्ट'

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।