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32 हजार से ज्यादा पेड़ों की कटाई को लेकर घमासान, CM फडणवीस बोले- '28 करोड़ पेड़ जितना प्रदूषण कम करेगा प्रोजेक्ट'

 Reported By: Sameer Bhise,  Sachin Chaudhary,  Written By: Subhash Kumar
 Published : Oct 26, 2026 04:03 pm IST,  Updated : Oct 26, 2026 04:13 pm IST

महाराष्ट्र के रायगढ़ में बिजली प्रोजेक्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए 32 हजार से ज्यादा पेड़ काटे जाने की तैयारी हो रही है। इस मामले में विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है तो वहीं, सरकार ने भी अपनी सफाई जारी की है।

Maharashtra raigad tree cutting- India TV Hindi
रायगढ़ में पेड़ों की कटाई को लेकर बवाल। (सांकेतिक फोटो) Image Source : PEXELS/PTI

महाराष्ट्र में 32 हजार से ज्यादा पेड़ों की कटाई को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। रायगढ़ जिले के कर्जत के पास टोरेंट कंपनी के 3,000 मेगावाट के बिजली प्रोजेक्ट के लिए 253 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इस प्रोजेक्ट के लिए हजारों पेड़ काटे जाने हैं। कांग्रेस से लेकर उद्धव ठाकरे की शिवसेना, शरद पवार की एनसीपी और राज ठाकरे की एमएनएस ने इसका विरोध किया है। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि यह प्रोजेक्ट स्वच्छ ऊर्जा के लिए जरूरी है और इससे पर्यावरण को फायदा होगा। सरकार का दावा है कि जितने पेड़ काटे जाएंगे, उसके मुकाबले तीन गुना पेड़ लगाए जाएंगे। आखिर क्या है पूरा मामला, देखिए यह रिपोर्ट।

क्यों शुरू हुआ विवाद?

मुंबई से दूर रायगढ़ जिले के कर्जत के पास स्थित जंगल में बिजली प्रोजेक्ट बनाने की तैयारी है। यह इलाका पुणे और रायगढ़ के बीच पड़ता है। प्रस्तावित प्रोजेक्ट भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग से करीब 20 किलोमीटर और भीमाशंकर जंगल से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित है। टोरेंट कंपनी के इस प्रोजेक्ट के लिए वन विभाग की 253 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। दावा है कि यहां 3,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। लेकिन इस प्रोजेक्ट के लिए 32 हजार से ज्यादा पेड़ काटे जाने है इस बात के सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया है।

विपक्षी दल हुए एकजुट

पेड़ों की कटाई के मुद्दे पर अब विपक्षी दल सरकार के खिलाफ एकजुट होते दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, शरद पवार की एनसीपी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने इस प्रोजेक्ट को लेकर विरोध जताया है। विपक्ष का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर हरे-भरे जंगलों को काटना सही नहीं है। कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि अगर प्रोजेक्ट बनाना जरूरी है, तो इसके लिए ऐसी जगह चुनी जाए जहां जंगल और पेड़ों को नुकसान कम हो।

वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने भी इस प्रोजेक्ट के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। एमएनएस नेता संदीप देशपांडे ने कहा है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले फैसलों का विरोध होना चाहिए। उन्होंने लोगों से भी इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की है। राज ठाकरे 28 अक्टूबर को प्रोजेक्ट साइट का दौरा करेंगे। इस दौरान वह स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात करेंगे और एक सभा को भी संबोधित करेंगे।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने भी इस प्रोजेक्ट का विरोध किया है। विपक्ष का सवाल है कि जब देश में पर्यावरण संरक्षण और पेड़ लगाने की बात की जाती है, तो फिर हजारों पेड़ों की कटाई की अनुमति क्यों दी जा रही है? विपक्षी दलों का कहना है कि प्रोजेक्ट की जरूरत और उसके पर्यावरण पर पड़ने वाले असर की समीक्षा होनी चाहिए। साथ ही स्थानीय लोगों और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

सीएम फडणवीस ने क्या कहा?

वहीं, इस पूरे विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि विपक्ष इस प्रोजेक्ट को लेकर गलत जानकारी फैला रहा है। सरकार के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का दावा है कि इस प्रोजेक्ट से 3,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इससे उद्योगों और आम लोगों को बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। फडणवीस ने कहा कि अगर इतनी बिजली का उत्पादन कोयले से किया जाए, तो उससे होने वाला प्रदूषण काफी ज्यादा होगा। सरकार का तर्क है कि पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट के जरिए ऊर्जा की जरूरत पूरी करने के साथ प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है। सीएम फड़णवीस ने 3 प्वाइंट्स में प्रोजेक्ट के फायदे के बारे में बताया है-:

  1. सबसे महत्वपूर्ण बात क्या है? यह 3,000 मेगावाट बिजली, जो हमें क्लीन एनर्जी के रूप में मिल रही है, अगर यह नहीं मिली, तो हम कौन-सी बिजली लेंगे? कोयले से बनने वाली थर्मल पावर। अब 3,000 मेगावाट थर्मल पावर से जितना प्रदूषण पैदा होता है, उस प्रदूषण को कम करने के लिए 28 करोड़ पेड़ लगाने पड़ेंगे। पूरी तरह विकसित 28 करोड़ पेड़ लगाने पड़ेंगे, अगर हमें उस प्रदूषण को कम करना है। यानी 28 करोड़ पेड़ जितना प्रदूषण कम करेंगे, उतनी ही क्लीन एनर्जी हम इस प्रोजेक्ट के जरिए तैयार कर रहे हैं।
  2. दूसरी बात, अगर हम 3,000 मेगावाट थर्मल पावर से होने वाले उत्सर्जन की बात करें, तो उससे उतना उत्सर्जन होता है, जितना 40 लाख गाड़ियां सड़क पर चलने से होता है। इस प्रोजेक्ट से उस उत्सर्जन को कम किया जा रहा है।
  3. तीसरी बात, अगर हम यही बिजली थर्मल पावर से लेते हैं, तो उसमें कितना पानी लगेगा? 19 अरब घनफुट पानी, यानी इतना पानी, जो लगभग 4 लाख लोगों की सालभर की जरूरत पूरी कर सकता है। यह पानी हमें बिजली उत्पादन के लिए सालभर इस्तेमाल करना पड़ेगा। वह पानी भी इस प्रोजेक्ट में बचने वाला है।

तीन गुना जमीन पर तीन गुना पेड़ लगाए जाएंगे- CM फडणवीस 

CM देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा- कुल मिलाकर कहें, तो यह इतना पर्यावरण-अनुकूल प्रोजेक्ट है। यह भीमाशंकर के जंगल से 16 किलोमीटर दूर है और भीमाशंकर मंदिर से 20 किलोमीटर दूर है। दूसरी बात, पूरा निवेश महाराष्ट्र में हो रहा है, रोजगार महाराष्ट्र में पैदा हो रहा है और ऊर्जा पर पहला अधिकार महाराष्ट्र का है। इसलिए महाराष्ट्र के लिए यह प्रोजेक्ट जरूरी है। आज हमारे यहां बड़े पैमाने पर उद्योग बढ़ रहे हैं और उनके लिए हमें ऊर्जा की जरूरत पड़ने वाली है। इसके लिए हमें क्लीन एनर्जी चाहिए, ऐसी ऊर्जा चाहिए जिससे प्रदूषण न हो। लेकिन विपक्ष जानबूझकर झूठा नैरेटिव तैयार करके इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने आगे यह भी कहा है कि कंपनी जितनी जमीन इस्तेमाल करेगी, उसके मुकाबले तीन गुना जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और तीन गुना पेड़ लगाए जाएंगे। सरकार के दावे के मुताबिक, करीब 90 हजार पेड़ लगाए जाने की योजना है। हालांकि, पेड़ लगाने और मौजूदा जंगल को बचाने को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।

बढ़ सकती है सियासी हलचल

फिलहाल, रायगढ़ के इस प्रोजेक्ट को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में विवाद तेज हो गया है। सरकार इसे स्वच्छ ऊर्जा और विकास के लिए जरूरी बता रही है, जबकि विपक्ष हजारों पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहा है। 28 अक्टूबर को राज ठाकरे के प्रस्तावित दौरे के बाद इस मुद्दे पर सियासी हलचल और बढ़ सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने के लिए सरकार आगे क्या कदम उठाती है।

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