नागपुर: महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन महायुति में शामिल भाजपा और शिंदे सेना के मंत्रियों और विधायकों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रेशमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मारक परिसर का दौरा किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और वरिष्ठ मंत्री मौजूद थे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार) के विधायक नहीं पहुंचे।
विधायकों के लिए परिचयात्मक वर्ग
यह संघ का शताब्दी वर्ष है। हर साल सत्र के दौरान संघ विधायकों के लिए परिचयात्मक वर्ग आयोजित करता है। इस दौरान उन्हें संघ के पदाधिकारियों द्वारा संघ की विचारधारा और सामाजिक क्षेत्र में काम करने के बारे में जानकारी दी जाती है। चर्चा थी कि इस साल सत्र सिर्फ सात दिनों का होने के कारण संघ परिचयात्मक वर्ग नहीं लगाएगा। हालांकि, सत्र के आखिरी दिनों में महायुति के सभी विधायकों को रेशमबाग आने का न्योता दिया गया था। विधायक और मंत्री सुबह 7:30 बजे के बाद रेशमबाग स्मारक परिसर पहुंचे। उन्होंने पूर्व सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और दूसरे सरसंघचालक गोलवलकर गुरुजी की समाधि के दर्शन किए।
मोहन भागवत को ‘‘सच्चा देशभक्त’’ बताया
इस यात्रा के दौरान शिवसेना प्रमुख शिंदे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को उसके गठन के 100 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी, वर्तमान RSS प्रमुख मोहन भगवत को सच्चा देशभक्त बताया और कहा कि यह वर्ष ‘‘देशभक्ति की शताब्दी’’ का वर्ष है। रविवार सुबह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, राज्य विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, विधान परिषद के सभापति राम शिंदे और भाजपा एवं शिवसेना के कई अन्य विधायकों ने हेडगेवार और गोलवलकर के स्मारक पर श्रद्धांजलि दी।
एक अलग अनुभूति होती है
बाद में, शिंदे ने पत्रकारों से कहा कि वह जब भी शीतकालीन सत्र के लिए नागपुर आते हैं, तो डॉ.हेडगेवार स्मृति मंदिर जरूर जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यहां आने के बाद हम सभी को एक अलग अनुभूति होती है और देश की सेवा करने के लिए ताकत और प्रेरणा मिलती है। यह देशभक्ति की शताब्दी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत एक सच्चे देशभक्त हैं और एक बड़ी हस्ती हैं जो संघचालक के तौर पर देश का हमेशा मार्गदर्शन करते हैं। हम आम कार्यकर्ता होने के नाते समाज की सेवा करने के लिए हमेशा उनसे प्रेरणा लेते हैं।’’
देशभक्ति और राष्ट्र सेवा के लिए मिलती है प्रेरणा
शिंदे ने कहा कि डॉ.हेडगेवार ने 100 साल पहले नागपुर में आरएसएस की स्थापना की थी और यह एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नागपुर न केवल राज्य की दूसरी राजधानी है बल्कि आरएसएस की जन्मभूमि भी है इसलिए यहां आने वाला हर जाति, धर्म और क्षेत्र का व्यक्ति देशभक्ति और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित होता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम, आरएसएस और शिवसेना दोनों के कार्यकर्ता, आपदाओं के दौरान हमेशा मौजूद रहते हैं और समाज के लिए निष्पक्ष रूप से काम करते हैं।’